सतपुड़ा टाइगर रिजर्व केे पास घूम रहा जंगली नर हाथी, वन विभाग ने निगरानी के साथ किया अलर्ट

सोहागपुर। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सटे छिंदवाड़ा जिले के वन क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से एक जंगली नर हाथी के विचरण की सूचना के बाद वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। 2 एवं 3 सितंबर से हाथी की गतिविधियां सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लगे पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडल क्षेत्र में दर्ज की गई हैं। हाथी की सुरक्षित आवाजाही और मानव-हाथी संघर्ष की संभावित स्थिति को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी और समन्वित कार्रवाई की जा रही है। यह जानकारी देते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जनसंपर्क अधिकारी सहायक संचालक आशीष खोबरागड़े ने बताया कि इस सिलसिले में एसटीआर अलर्ट पर है।
विशेषज्ञों ने वन अमले को दिए प्रबंधन के निर्देश
3 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व एवं पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडल के अधिकारियों और मैदानी अमले के लिए विशेष ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया। इसमें संजय दुबरी एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों तथा वन्यजीव निगरानी में उपयोग किए जा रहे ‘गज रक्षक’ एप्लीकेशन की मॉनिटरिंग से जुड़े WCT दल ने मैदानी प्रबंधन एवं आवश्यक सावधानियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
पांच किलोमीटर के दायरे में गांवों को किया जा रहा सतर्क
हाथी की लाइव लोकेशन के आधार पर लगभग 5 किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों में चरणबद्ध तरीके से जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए इको-डेवलपमेंट समितियों, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों और अन्य स्थानीय माध्यमों की मदद ली जा रही है। वनरक्षक और बीट स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक त्वरित सूचना एवं प्रतिक्रिया की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
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STR में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया गया है। मैदानी अमले से हाथी की लोकेशन एवं गतिविधियों की जानकारी लेकर उसका लगातार संकलन और विश्लेषण किया जा रहा है। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों और बीट अमले को सतर्क किया जा रहा है तथा संभावित आवाजाही वाले गांवों में सावधानियां बरतने की सूचना दी जा रही है।
बिजली लाइनों की भी जांच
वन विभाग ने ग्राम पंचायत, पुलिस, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। हाथी की आवाजाही वाले क्षेत्रों में विद्युत लाइनों की स्थिति एवं संभावित जोखिमों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपाय भी किए जा रहे हैं।
हाथी दिखे तो नजदीक न जाएं, न बनाएं सेल्फी-वीडियो
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर उसके नजदीक न जाएं, उसे घेरें या पीछा न करें। सेल्फी अथवा वीडियो बनाने के लिए पास जाने का प्रयास न करें। हाथी पर पत्थर, डंडे, पटाखे या अन्य वस्तुएं न फेंकें और तेज आवाज, हॉर्न अथवा अनावश्यक शोर कर उसे डराने की कोशिश न करें। हाथी को देखने के लिए भीड़ एकत्र नहीं करने और उसे भोजन नहीं देने की भी अपील की गई है। हाथी की मौजूदगी की सूचना तत्काल निकटतम वन अमले को देने तथा बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। रात के समय हाथी की संभावित आवाजाही वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से अकेले जाने से बचने को कहा गया है।
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अफवाहों से बचें, प्रमाणित सूचना ही साझा करें
वन विभाग ने ग्राम पंचायतों, पुलिस, विद्युत विभाग, स्थानीय प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों, इको-डेवलपमेंट समितियों, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों और नागरिकों से विभाग के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की है। हाथी की गतिविधियों से संबंधित प्रमाणित सूचना तत्काल साझा करने तथा अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों को सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने को कहा गया है।
सूचना के लिए संपर्क करें : सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नियंत्रण कक्ष का नंबर: 9424792105




















