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--Bhopal, India

रिश्तों में नई दरार:सास के मायके का दखल बना विवाद की वजह, भोपाल में बढ़ रहे ऐसे केस; बहुओं की एक जैसी शिकायत

शहर के विभिन्न मध्यस्थता केंद्रों में इन दिनों एक अलग तरह के पारिवारिक विवाद सामने आ रहे हैं। आमतौर पर जहां बहू के मायके के दखल को लेकर विवाद होते हैं वहीं अब सास के मायके वालों के हस्तक्षेप से रिश्ते बिगड़ने लगे हैं।
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सास के मायके का दखल बना विवाद की वजह, भोपाल में बढ़ रहे ऐसे केस; बहुओं की एक जैसी शिकायत

पल्लवी वाघेला, भोपाल। शहर के विभिन्न मध्यस्थता केंद्रों में इन दिनों एक अलग तरह के पारिवारिक विवाद सामने आ रहे हैं। आमतौर पर जहां बहू के मायके के दखल को लेकर विवाद होते हैं वहीं अब सास के मायके वालों के हस्तक्षेप से रिश्ते बिगड़ने लगे हैं। ऐसे पांच मामले फिलहाल काउंसलिंग में हैं जिनमें दो महिला थाने के जरिए और तीन सीधे मध्यस्थता केंद्र पहुंचे हैं। इन मामलों में बहुओं की एक जैसी शिकायत है कि एक सास की अपेक्षाएं संभालना ही मुश्किल होता है ऐसे में नानी सास, मामी सास और मौसी सास के लगातार हस्तक्षेप से स्थिति और बिगड़ रही है।

नानी सास तय करती हैं घर का रूटीन और मेन्यू

शाहपुरा क्षेत्र के एक मामले में बहू ने बताया कि उसके पति का ननिहाल घर से महज दो किलोमीटर दूर है। ऐसे में सास के मायके वाले अक्सर घर आते-जाते रहते हैं और उसके कामकाज में कमी निकालते हैं। बहू का कहना है कि नानी सास न सिर्फ घर का रूटीन बल्कि खाने का मेन्यू तक तय करती हैं। एक दिन गोल रोटी न बना पाने पर सबके सामने डांटने से वह इतना आहत हुई कि मायके चली गई। उसने बताया कि नानी सास का डर इतना बढ़ गया है कि उनके सामने सामान्य काम भी बिगड़ने लगते हैं और इससे उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

ससुर खुद बहू के साथ पहुंचे थाने

ईदगाह हिल्स के एक मामले में ससुर खुद अपनी बहू के साथ महिला थाने पहुंचे। ससुर का कहना है कि वे खुद भी जीवनभर पत्नी के मायके के हस्तक्षेप से परेशान रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेटे की शादी भी उसी परिवार की सहमति से हुई लेकिन अब शादी के महज आठ महीने बाद बहू भी उसी वजह से परेशान हो गई है। बहू के मुताबिक मामा-मामी सास अक्सर उसकी सास को भड़काते हैं और बहू पर नियंत्रण रखने की सलाह देते हैं जिससे उसका सास और पति दोनों से विवाद बढ़ रहा है। उसने इसे मानसिक प्रताड़ना बताया है। यह मामला भी मध्यस्थता केंद्र भेजा गया है।

पहनावे और लाइफस्टाइल पर भी टकराव

अन्य तीन मामलों में बहुओं के पहनावे और लाइफस्टाइल को लेकर सास के मायके पक्ष की टिप्पणियां विवाद का कारण बनी हैं। लगातार आलोचना और हस्तक्षेप से घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया है जिसके चलते सभी मामलों में काउंसलिंग जारी है।

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भड़काने से बढ़ रही खाई - विशेषज्ञ

मध्यस्थता केंद्र की संचालक प्रतिभा राजगोपाल के अनुसार इन मामलों में बहुओं की मुख्य शिकायत यही है कि सास का मायका पक्ष दंपति के बीच सामंजस्य नहीं बनने दे रहा। उन्होंने बताया कि कई मामलों में सास का मायका पहले से ही उनके वैवाहिक जीवन में दखल देता रहा है जो बहू के आने के बाद भी जारी है। वहीं सास और उनका मायका यह पसंद नहीं करता कि बहू का मायका घर के मामलों में बोले जिससे टकराव और बढ़ता है।

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समाधान के लिए दोनों पक्षों को समझाइश

प्रतिभा राजगोपाल का कहना है कि ऐसे मामलों में सास की भूमिका सबसे अहम होती है क्योंकि वही दोनों पक्षों के बीच संतुलन बना सकती हैं। वहीं बहू को भी सलाह दी जाती है कि वह हर बात को मन पर न लें, सकारात्मक चीजें सीखें और समस्या होने पर बिना विवाद अपनी बात रखें।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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