ईरान और इजरायल के बीच युद्ध की शुरुआत हो गई है जिसका सीधा असर भारत सहित ग्लोबल शेयर बाजार में देखने को मिलेगा। इस युद्ध के चलते गोल्ड की कीमतों में फिर से तेजी आने की संभावना है। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिलेगा जिससे क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ईरान रोज करीब 33 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की पूरी संभावना है जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। भारत समेत कई देश होर्मुज जलडमरूमध्य से अपना कच्चा तेल खरीदते हैं। इस युद्ध के चलते यह एरिया बंद होने की उम्मीद है।
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ईरान की नौसेना जवाबी हमला करने के वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य पर ऑयल टैंकरों की आवाजाही रोक सकती है। इन्हीं आशंकाओं के चलते कच्चे तेल आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर भारत में चिंताएं बढ़ गई है। भारत के अधिकतर जहाजी तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य जलक्षेत्र रास्ते से होकर आते हैं। अगर ईरान होर्मुज जलक्षेत्र को बंद करता है तो भारत का तेल आयात प्रभावित हो जाएगा जिससे पेट्रोलियम की कीमतें बढ़ सकती है।
ईरान और इजरायल के युद्ध के चलते दुनियाभर के निवेशक भारी बिकवाली कर सकते हैं। जिसका सीधा असर शेयर मार्केट पर पड़ेगा। युद्ध के आभास के चलते ही शुक्रवार को सेंसेक्स 961 और निफ्टी 317 अंक गिरकर बंद हुआ था।
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ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इसके बाद दुनियाभर के लोग सोना-चांदी जैसे पारंपरिक ऐसेट में निवेश कर रहे हैं जिसका सीधा असर सीधा असर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट पर भी देखा जा रहा है। फिलहाल MCX पर गोल्ड 1 लाख 60 हजार के पार मजबूती से बना हुआ है जिसका जल्द ही 1 लाख 65 हजार के पार जानें की पूरी संभावना है। वहीं चांदी भी 2 लाख 95 हजार के ऊपर जा सकती है।