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9.66 लाख रुपए की ठगी:फेसबुक विज्ञापन देखकर जाल में फंसा किसान, 25 लाख दिलाने का दिया था लालच

रतलाम के बिलपांक क्षेत्र से सामने आया यह मामला आज के डिजिटल दौर की कड़वी सच्चाई दिखाता है, जहां आसान लोन का सपना अक्सर साइबर जाल में बदल जाता है। फेसबुक विज्ञापन के जरिए 25 लाख रुपये का लालच देकर किसान से लाखों की ठगी कर ली गई, और प्रोसेसिंग व कन्वर्जन चार्ज के नाम पर लगातार रकम वसूली जाती रही।
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फेसबुक विज्ञापन देखकर जाल में फंसा किसान, 25 लाख दिलाने का दिया था लालच
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रतलाम जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र में एक किसान साइबर ठगी का शिकार हो गया। सोशल मीडिया पर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगों ने उससे 9 लाख 66 हजार 463 रुपए ऐंठ लिए। ठगों ने पहले किसान को 25 लाख रुपए का लोन दिलाने का भरोसा दिया और बाद में अलग-अलग शुल्क के नाम पर लगातार पैसे जमा करवाते रहे।

फेसबुक पर देखा था विज्ञापन

ग्राम बिरमावल निवासी किसान शंकरलाल पाटीदार ने पुलिस को शिकायत में बताया कि अप्रैल 2026 में उन्होंने फेसबुक पर अशोक मल्होत्रा नाम के व्यक्ति का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता और लोन उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। विज्ञापन देखकर किसान ने संपर्क किया और व्हाट्सएप के माध्यम से बातचीत शुरू हुई।

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10 लाख की जरूरत, 25 लाख का दिया लालच

शंकरलाल ने ठगों को बताया कि उन्हें 10 लाख रुपए की जरूरत है। इस पर आरोपियों ने उन्हें 25 लाख रुपए उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आने लगे। फोन करने वाले लोग खुद को बैंक अधिकारी बताते थे। उन्होंने कहा कि उनके पास मौजूद राशि इटली की मुद्रा में है, जिसे भारतीय रुपए में बदलने के लिए कुछ प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

कन्वर्जन चार्ज के नाम पर वसूले पैसे

ठगों ने किसान को अलग-अलग क्यूआर कोड भेजे और विभिन्न शुल्क जमा कराने को कहा। शुरुआत में 4 अप्रैल 2026 को 2 हजार, 7 हजार और 15 हजार रुपए जमा कराए गए। इसके बाद आरोपियों ने कभी प्रोसेसिंग फीस, कभी कन्वर्जन चार्ज तो कभी बैंकिंग शुल्क के नाम पर लगातार रकम जमा करवाई। 4 अप्रैल से 20 मई 2026 के बीच किसान ने अलग-अलग क्यूआर कोड पर कुल 9 लाख 66 हजार 463 रुपए जमा कर दिए।

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पैसा नहीं मिला तो हुआ ठगी का एहसास

काफी समय गुजरने के बाद भी जब किसान के खाते में लोन की राशि नहीं पहुंची, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। किसान का आरोप है कि आरोपियों ने उसे लगातार भ्रमित किया और कई बार डराकर तथा दबाव बनाकर भी पैसे जमा करवाए।

एसपी के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला

ठगी का पता चलने पर शंकरलाल पाटीदार ने पुलिस अधीक्षक अमित कुमार से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर बिलपांक थाना पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और क्यूआर कोड के जरिए उनकी पहचान करने में जुटी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले लोन और आर्थिक सहायता संबंधी विज्ञापनों पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें।

सावधानी ही बचाव

पुलिस का कहना है कि कोई भी बैंक या वित्तीय संस्था लोन देने से पहले व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर पैसे जमा नहीं करवाती। ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत करनी चाहिए।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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