देश में 1 मार्च से कुछ बदलाव होने जा रहे हैं। जिनका सीधा असर उपभोक्ताओं के दैनिक जीवन और पॉकेट पर पड़ने वाला है। सरकार डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए सिम बाइंडिंग नियम ला रही है। वहीं रेलवे अपना पुराना टिकट बुकिंग ऐप UTS को बंद करने जा रहा है। इसके अलावा CNG PNG की कीमतों में भी बदलाव होने की उम्मीद है।
भारत सरकार डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए सिम बाइंडिंग नियम को लेकर आई है। इस नियम के तहत WhatsApp, Telegram जैसे ऐप्लिकेशन अब UPI ऐप की तरह सिम से लिंक रहेंगे। इस तरह की मैसेंजिंग ऐप्लिकेशन का उपयोग करने के लिए सिम का फोन में होना जरूरी होगा। सिम को फोन से निकालते ही ये ऐप काम करना बंद कर देंगे।
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डिजिटल फ्रॉड पर नियंत्रण करने के लिए बैंक ज्यादा राशि के ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त वेरिफिकेशन लागू करने की तैयारी में है। इसके लागू होने पर पेमेंट सिर्फ UPI पिन से नहीं हो सकेगा बल्कि इसके लिए अतिरिक्त बायोमेट्रिक्स या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी हो जाऐगा।
1 मार्च से भारतीय रेलवे अपनी पुरानी टिकट ऐप UTS को बंद करने जा रही है। इसकी जगह रेलवे Railone ऐप को लॉन्च करेगी। इस ऐप से अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग की जा सकेगी।
देश के सरकारी बैंक अब मिनिमम बैंक बैलेंस के नियमों में बदलाव करेंगे। नए नियम लागू होने के बाद किसी भी खाते का न्यूनतम बैलेंस का पैमाना उसके पूरे महीने के औसत बैलेंस के आधार पर तय किया जाएगा। ऐसे में किसी एक दिन अकाउंट में बैलेंस कम होने पर पेनल्टी नहीं लगेगी।
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अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के उतार-चढ़ाव के चलते कई तेल कंपनियां रसोई और कमर्शियल गैस की कीमतों का रिव्यू कर सकती है। इसके अलावा पेट्रोलियम डिस्ट्रीब्यूटर कंपनियों द्वारा ATF, CNG और PNG में भी बदलाव की प्रबल संभावना है।