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देशभर में वोटर लिस्ट अपडेट की कवायद शुरू :7 फरवरी तक पूरा होगा SIR 2.0, नए मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे और त्रुटियां सुधारी जाएंगी

बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों में 7 फरवरी तक SIR 2.0 पूरा हो जाएगा, जिससे नए मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे और वोटर लिस्ट में मौजूद गलतियां सुधारी जाएंगी। चुनाव आयोग ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (SIR) के लिए BLO हर घर जाएंगे।
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7 फरवरी तक पूरा होगा SIR 2.0, नए मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे और त्रुटियां सुधारी जाएंगी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision - SIR) शुरू होने जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस चरण की प्रक्रिया 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक चलेगी।

    यह 103 दिनों की व्यापक प्रक्रिया होगी, जिसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, गलतियों को सुधारा जाएगा और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।

    SIR 2.0: यूपी, एमपी, राजस्थान, पश्चिम बंगाल समेत इन 12 राज्यों में होगी  एसआईआर, वोटर लिस्ट आज रात से हो जाएगी फ्रीज

    इन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा SIR

    इस बार SIR प्रक्रिया में शामिल राज्य और केंद्रशासित प्रदेश हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, गोवा, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप। हालांकि, अगले साल विधानसभा चुनाव वाले पश्चिम बंगाल में SIR किया जाएगा, लेकिन असम को इससे बाहर रखा गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि असम में नागरिकता से जुड़े नियम अलग हैं, इसलिए वहां मतदाता सूची का पुनरीक्षण अलग प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

    SIR Second phase

    लिस्ट आज रात से फ्रीज

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि SIR शुरू करने से पहले आज रात (27 अक्टूबर) से इन सभी राज्यों की मतदाता सूचियां फ्रीज कर दी जाएंगी। इसके बाद 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक फॉर्म प्रिंटिंग और ट्रेनिंग सेशन होंगे, जिसके बाद 4 नवंबर से मैदान में काम शुरू होगा।

    SIR की पूरी टाइमलाइन

    तिथि प्रक्रिया
    28 अक्टूबर – 3 नवंबर 2025 प्रिंटिंग और प्रशिक्षण (Printing & Training)
    4 नवंबर – 4 दिसंबर 2025 घर-घर गणना (House-to-House Enumeration)
    9 दिसंबर 2025 ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) जारी
    9 दिसंबर 2025 – 8 जनवरी 2026 दावे और आपत्तियों की अवधि (Claims & Objections)
    9 दिसंबर 2025 – 31 जनवरी 2026 सुनवाई और सत्यापन (Hearing & Verification)
    7 फरवरी 2026 अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) प्रकाशित

    तीन बार घर-घर जाएंगे BLO

    इस अभियान में देशभर के 5.33 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) और 7.64 लाख राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट (BLAs) शामिल रहेंगे। BLO को हर घर कम से कम तीन बार दौरा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि कोई नया मतदाता छूटे नहीं। वे घर-घर जाकर Form-6 (नए वोटरों के लिए) और Declaration Form भरवाएंगे, फिर यह दस्तावेज ERO (Electoral Registration Officer) या AERO को सौंपेंगे।

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    51 करोड़ मतदाताओं का होगा सत्यापन

    मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस SIR के तहत देशभर में करीब 51 करोड़ मतदाताओं के नाम, पते और विवरण का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रक्रिया की जानकारी देने को कहा है।

    वोटर लिस्ट अपडेट में क्या होगा

    SIR यानी Special Intensive Revision का मकसद मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाना है।
    इस प्रक्रिया में...

    • 18 साल से ऊपर के नए मतदाताओं को जोड़ा जाएगा।
    • मृत लोगों के नाम हटाए जाएंगे।
    • जिन्होंने निवास स्थान बदला है, उनके नाम हटाकर नए पते पर जोड़े जाएंगे।
    • नाम और पते की गलतियां सुधारी जाएंगी।

    BLO इस दौरान घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म भरने में मदद करेंगे।

    मतदान केंद्रों पर अधिकतम 1200 मतदाता

    ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी मतदान केंद्र में 1200 से ज्यादा मतदाता न हों। इससे मतदान प्रक्रिया सुगम, सुरक्षित और सुलभ रहेगी। उन्होंने कहा कि आयोग बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार मतदाताओं की सुविधा के लिए वॉलंटियर्स की तैनाती भी करेगा।

    क्या है SIR की प्रक्रिया

    1. इन्यूमेरेशन फॉर्म की प्रिंटिंग - पहले फॉर्म प्रिंट कर हर घर भेजे जाएंगे।
    2. फॉर्म का वितरण और मिलान - BLO घर-घर जाकर फॉर्म देंगे और मतदाता के नाम का मिलान 2003 की सूची से करेंगे।
    3. विवरण का सत्यापन - अगर मतदाता का नाम और माता-पिता का नाम सूची से मेल खाता है, तो किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी।
    4. फॉर्म जमा करना और जांच - BLO फॉर्म एकत्र कर ERO/AERO को देंगे, जहां उनकी जांच और सत्यापन होगा।

    क्यों जरूरी है SIR

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR जैसी प्रक्रिया जरूरी है, क्योंकि-

    • कई बार पलायन के कारण मतदाता दो जगह पंजीकृत हो जाते हैं।
    • मृत मतदाताओं के नाम हटाए नहीं जाते।
    • कभी-कभी विदेशी नागरिकों के नाम भी गलती से सूची में शामिल हो जाते हैं।

    इन समस्याओं को दूर करने और सूची को विश्वसनीय बनाने के लिए यह व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है।

    अब तक 8 बार हुआ SIR

    भारत में अब तक 1951 से 2004 के बीच 8 बार SIR किया जा चुका है। राजनीतिक दलों ने अक्सर मतदाता सूचियों में त्रुटियों और डुप्लिकेट नामों को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद आयोग ने इसे फिर से गहन रूप में लागू करने का निर्णय लिया है।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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