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वोट ऑनलाइन डिलीट नहीं किए जा सकते, आधारहीन हैं आरोप..., राहुल गांधी के बयान पर चुनाव आयोग का पलटवार

वोट ऑनलाइन डिलीट नहीं किए जा सकते, आधारहीन हैं आरोप..., राहुल गांधी के बयान पर चुनाव आयोग का पलटवार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि राहुल गांधी के आरोप 'तथ्यहीन, गलत और आधारहीन' हैं। आयोग ने साफ किया कि किसी भी वोट को ऑनलाइन डिलीट नहीं किया जा सकता और ऐसा मानना पूरी तरह भ्रम है।

    क्या कहा राहुल गांधी ने?

    राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली के इंदिरा भवन ऑडिटोरियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए 2024 लोकसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने कर्नाटक के महादेवपुरा और महाराष्ट्र के राजुरा विधानसभा क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि हजारों वोटों में हेराफेरी की गई। राहुल ने 31 मिनट के प्रजेंटेशन में वोट चोरी के आरोप लगाए और सबूत दिखाने का दावा किया है। 

    विशेष रूप से कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि वहां 6,018 वोट हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा- यह मामला तब सामने आया, जब एक बूथ-स्तरीय अधिकारी ने पाया कि उसके चाचा का वोट हटा दिया गया है। जांच में पता चला कि वोट हटाने का आवेदन किसी बाहरी ताकत ने सिस्टम हैक कर दिया था। न तो वोट हटाने वाले को और न ही जिसका वोट हटा, उसे इसकी जानकारी थी। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार 'लोकतंत्र की हत्या करने वालों' और 'वोट चोरों' की रक्षा कर रहे हैं।

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    ऑनलाइन नहीं हट सकते वोट : EC 

    भारत निर्वाचन आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी वोट को ऑनलाइन डिलीट नहीं किया जा सकता। वोट हटाने से पहले प्रभावित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाता है।

    2023 में कर्नाटक के आलंद क्षेत्र में वोट डिलीट करने की कुछ असफल कोशिशें जरूर हुई थीं, जिन पर आयोग ने FIR दर्ज कराई थी।
    आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी का आरोप कि "कॉल सेंटर जैसी कार्यप्रणाली से वोट हटाए गए" पूरी तरह गलत है, क्योंकि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद ही पूरी होती है।

    CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर बयान ‘दुर्भाग्यपूर्ण’

    चुनाव आयोग के सूत्रों ने राहुल गांधी द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। सूत्रों ने कहा- ज्ञानेश कुमार ने केवल 6 महीने पहले पदभार संभाला है। 2023 में जिन गड़बड़ियों का जिक्र राहुल गांधी कर रहे हैं, उनके लिए CEC को जिम्मेदार ठहराना अनुचित है। साथ ही आयोग ने यह भी याद दिलाया कि जिस आलंद सीट पर राहुल गांधी ने गड़बड़ी का आरोप लगाया, वहां 2023 में कांग्रेस प्रत्याशी बीआर पाटिल विजयी हुए थे।

    2023 में सामने आया था मामला, FIR भी दर्ज हुई

    • चुनाव आयोग ने कहा कि 2023 में आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई थी।
    • इस मामले की जानकारी खुद चुनाव आयोग ने दी थी।
    • खामियों का पता लगने पर ECI ने FIR दर्ज कराई।
    • यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी वोट को बिना प्रभावित मतदाता को सुनवाई का अवसर दिए हटाया नहीं जा सकता।

    यह कोई ‘हाइड्रोजन बम’ नहीं है

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाने के लिए इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर कर्नाटक के बाहर के थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह बाहरी ताकतों की साजिश थी। उन्होंने कहा- यह कोई ‘हाइड्रोजन बम’ नहीं है, असली धमाका आगे आएगा। 

    राहुल गांधी ने मांग की कि चुनाव आयोग एक हफ्ते के भीतर कर्नाटक की CID के साथ इस मामले की पूरी जानकारी साझा करें।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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