विदिशा: डैम से पानी छोड़ने की मांग, संयुक्त किसान मोर्चा ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

विदिशा। किसानों का कहना है कि कम बारिश के कारण नदी-नाले सूख गए हैं और धान की फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच चुकी है। अगर दो-तीन दिनों में फसल को पानी नहीं मिला तो वह पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। किसानों ने कहा कि हलाली डैम में पर्याप्त पानी है और कुछ दिनों के लिए नहर खोलने से नदी-नालों में पानी पहुंच जाएगा, जिससे फसल को जीवनदान मिल सकता है। किसानों ने विदिशा और गुलाबगंज तहसील को सूखाग्रस्त घोषित कर मुआवजा देने की भी मांग की है।
नहर खोलने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान
मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम आवेदन दिया। किसानों का कहना है कि वे पहले भी नहर शुरू करने की मांग को लेकर आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया गया है और धान की फसल को बचाने के लिए तत्काल पानी की जरूरत है।
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दो-तीन दिन में पानी नहीं मिला तो फसल बर्बाद
किसानों ने बताया कि विदिशा तहसील में बारिश कम होने के कारण नदी-नाले सूखने लगे हैं और धान की फसल में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। वर्तमान समय में धान की फसल में बालियां आ रही हैं और पानी नहीं मिलने से उसमें दाना नहीं पड़ पाएगा, जिससे किसानों को काफी नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार करने में अब तक लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं और समय पर सिंचाई नहीं हुई तो पूरी मेहनत बर्बाद हो जाएगी।
हलाली डैम में पर्याप्त पानी
किसानों ने मांग की कि हलाली डैम की नहर को कुछ दिनों के लिए खोल दिया जाए, जिससे नदी-नालों में पानी आ सके और सूखती हुई धान की फसल को जीवनदान मिल सके। उनका कहना है कि हलाली डैम में पर्याप्त मात्रा में पानी है और कुछ दिन नहर खोल देने से आगामी फसल पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। किसान दिन-रात मेहनत कर वर्तमान फसल को बचाने में जुटे हैं और पानी नहीं मिलने पर फसल नष्ट होने के साथ आगामी फसल की तैयारी भी प्रभावित होगी।
बिजली की समस्या और सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
किसानों ने कहा कि एक तरफ वे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विद्युत मंडल द्वारा पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। किसान नेता राहुल राज ने कहा कि अगर सरकार के नियम के अनुसार बिजली उपलब्ध होती रहे तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है। उन्होंने विदिशा और गुलाबगंज तहसील में कम बारिश की स्थिति को देखते हुए दोनों तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
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कलेक्टर पर समस्या नहीं सुनने का लगाया आरोप
किसान नेता राहुल राज ने आरोप लगाया कि किसान अपनी समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे और कलेक्टर के सामने अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर बाहर आकर किसानों की समस्याएं नहीं सुन रहे थे। उन्होंने बताया कि पांच लोगों को जनसुनवाई कक्ष में बुलाया गया था और जब उन्होंने खेतों की फसल कलेक्टर को देना चाही तो उन्होंने लेने से मना कर दिया। राहुल राज ने कहा कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से लिखित में की जाएगी, क्योंकि किसानों की समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों की बात नहीं सुना जाना किसान का अपमान है। इस दौरान राहुल राज ने बताया कि कृषि विस्तार अधिकारी ने किसानों की समस्या सुनी और विदिशा तहसील, गुलाबगंज तहसील में कम बारिश होने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि किसानों की वर्तमान फसल बचाने के लिए तत्काल सिंचाई की व्यवस्था जरूरी है। इस दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के किसान मौजूद रहे।




















