हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन व्रत करने और भगवान विष्णु की पूजा करने से जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि प्राप्त होती है। वैशाख मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है। साल 2026 में वरुथिनी एकादशी 13 अप्रैल सोमवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 13 अप्रैल रात 1:16 बजे शुरू होकर 14 अप्रैल रात 1:08 बजे तक रहेगी।
वरुथिनी एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिषियों के अनुसार, इस व्रत को करने से कन्यादान और 10,000 वर्षों की तपस्या के समान फल मिलता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। व्रत करने से न केवल पापों का नाश होता है बल्कि मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी खुलता है। यह व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला भी माना जाता है।
वरुथिनी एकादशी का व्रत अन्य एकादशियों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। इसे करने से साधक के सभी पाप नष्ट होते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिलता है। इसके अलावा यह व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला भी होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया व्रत भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और भक्त को उसके पुण्य फल तुरंत प्राप्त होते हैं।