वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस की दोनों पार्षदों को बड़ा झटका, अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज

इंदौर। इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान हुए वंदे मातरम विवाद में कांग्रेस की दोनों महिला पार्षदों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख की अग्रिम जमानत याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है, जबकि दूसरी आरोपी पार्षद रुबीना इकबाल खान की अग्रिम जमानत याचिका इंदौर जिला एवं सत्र न्यायालय ने निरस्त कर दी है।
सरकार की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता हेमंत शर्मा ने बताया कि फौजिया शेख की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट की वेबसाइट पर भी प्रकरण की स्थिति "Dismissed" दर्ज की गई है, हालांकि विस्तृत आदेश अभी अपलोड होना शेष है। इससे पहले उनकी अग्रिम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय भी खारिज कर चुका था।
नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम नहीं गाने और उससे जुड़े विवाद के बाद दोनों कांग्रेस पार्षदों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी काफी चर्चा हुई थी।
वहीं, दूसरी आरोपी कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपियों के कथित कृत्य और बयानों से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं तथा सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का प्रयास किया गया। अभियोजन ने रुबीना इकबाल खान के एक कथित बयान का भी हवाला दिया। अपर लोक अभियोजक लीलाधर पाटीदार ने बताया कि अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए जिला अदालत ने रुबीना इकबाल खान की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी।












