पटना। भारतीय रेलवे ने प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। पटना से टाटानगर जा रही वंदे भारत ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री ने खाने की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद रेलवे ने अपनी ही कैटरिंग इकाई IRCTC (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन) पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
इसके साथ ही ट्रेन में भोजन सप्लाई करने वाली निजी फूड सर्विस कंपनी पर 50 लाख रुपए का भारी जुर्माना लगाया गया है और उसका कॉन्ट्रैक्ट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। रेलवे ने इस कार्रवाई की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा की है।
रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सेहत और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई रेलवे की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।
यह घटना 15-16 मार्च 2026 की है। उस दिन ट्रेन संख्या 21896 पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत करने वाले यात्री का नाम रितेश कुमार सिंह बताया गया है, जो पटना के रहने वाले हैं। वे अपने साथियों के साथ पटना से जमशेदपुर की यात्रा कर रहे थे। रितेश सिंह ट्रेन की C-6 कोच की सीट संख्या 71 पर यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान रात में उन्हें जो भोजन परोसा गया, उसे देखकर वे हैरान रह गए।
यात्री के अनुसार-
इसके बाद उन्होंने रेलवे और IRCTC को इसकी शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। मामले की जांच के आदेश दिए गए और भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पैकेजिंग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि, भोजन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं था। स्वच्छता के नियमों का पालन नहीं किया गया, पैकेजिंग में भी कई गंभीर खामियां थीं। रेलवे अधिकारियों ने इसे यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ माना। इसी के आधार पर IRCTC पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया गया और संबंधित फूड सर्विस प्रोवाइडर पर ₹50 लाख का दंड लगाया गया।
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रेलवे ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए भोजन सप्लाई करने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट तत्काल समाप्त करने का फैसला लिया है। जांच में पाया गया कि संबंधित कंपनी ने अनुबंध की कई शर्तों का उल्लंघन किया था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ऐसी लापरवाही के लिए किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। रेलवे ने स्पष्ट कहा है कि, प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं का स्तर उच्चतम होना चाहिए।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, IRCTC की जिम्मेदारी थी कि-
लेकिन इस मामले में IRCTC निगरानी करने में विफल रही। इसी कारण उस पर भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। हालांकि, IRCTC पटना के कुछ अधिकारियों ने कहा कि यह जुर्माना पूरे सिस्टम पर लगाया गया है, किसी एक क्षेत्रीय इकाई पर नहीं।
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इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने रेलवे और IRCTC की सेवाओं पर सवाल उठाए। एक यूजर ब्रजेश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा- पटना-टाटानगर वंदे भारत में जो हुआ वह केवल अनियमितता नहीं बल्कि यात्रियों के भरोसे का कत्ल है। प्रीमियम ट्रेन का टिकट लेकर यात्री क्या जहरीला खाना खाने के लिए मजबूर हैं?
उन्होंने आगे कहा कि, IRCTC पर 10 लाख का जुर्माना ढीली निगरानी का प्रमाण है, फूड सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख का दंड भी कम है। उनका कहना था कि, जब बात यात्रियों की सेहत की हो तो किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है। हर दिन लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं। IRCTC के माध्यम से रेलवे हर दिन 15 लाख से अधिक यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराता है। इतने बड़े स्तर पर भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती माना जाता है। रेलवे का कहना है कि, इसी कारण मॉनिटरिंग सिस्टम और डिजिटल निगरानी को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
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रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ एक मामले तक सीमित नहीं है बल्कि सभी फूड सर्विस कंपनियों के लिए एक कड़ा संदेश है। रेलवे के अनुसार,
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी ट्रेन में खाने की गुणवत्ता खराब पाई गई तो जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना के बाद रेलवे ने खान-पान सेवाओं की निगरानी और सख्त करने का फैसला किया है। रेलवे के अनुसार-
इसके अलावा भोजन सप्लाई करने वाली कंपनियों के कामकाज की नियमित जांच भी की जाएगी।
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रेलवे ने यात्रियों से भी अपील की है कि, अगर उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होती है तो वे तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। यात्री निम्न माध्यमों से शिकायत कर सकते हैं-
रेलवे का कहना है कि, शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की जाएगी ताकि यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की सबसे आधुनिक और प्रीमियम ट्रेनों में से एक मानी जाती है। इन ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर सीटिंग, आधुनिक सुविधाएं और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन मिलने की उम्मीद होती है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता को लेकर सामने आई यह घटना रेलवे के लिए एक बड़ा सवाल बन गई थी। रेलवे ने सख्त कार्रवाई करके यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रीमियम ट्रेनों में सेवा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।