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Peoples Update Special :वेटिंग ट्रेन टिकट हुआ गुम, रेलवे ने रिफंड नहीं दिया, अब देना होगा 16 हजार मुआवजा

एक यात्री का वेटिंग टिकट गुम होने पर रेलवे ने रिफंड देने से मना कर दिया था। इस पर यात्री ने उपभोक्ता आयोग में गुहार लगाई। अब रेलवे को 1200 रुपए के टिकट के बदले 16,524 रुपए देने होंगे।
वेटिंग ट्रेन टिकट हुआ गुम, रेलवे ने रिफंड नहीं दिया, अब देना होगा 16 हजार मुआवजा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पल्लवी वाघेला, भोपाल। उपभोक्ता ने ट्रेन का टिकट खरीदा, लेकिन कंफर्म नहीं हो पाया। जब उपभोक्ता ने रिफंड का सोचा तो इसके पहले ही उसका वॉलेट चोरी होने के कारण टिकट भी खो गया। ऐसे में जब रेलवे ने टिकट का पैसा रिफंड करने से इंकार कर दिया तो उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में गुहार लगाई। मामले में आयोग ने रेलवे द्वारा सेवा में कमी बताते हुए उपभोक्ता को जुर्माने सहित पूरा पैसा वापस करने के आदेश दिए हैं।

    रेलवे ने पैसा लौटाने से मना किया

    करोंद निवासी उपभोक्ता सुमित सिंह ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने जबलपुर सोमनाथ एक्सप्रेस का टिकट लिया था। यह वेटिंग टिकट खो गया था, जब सुमित ने रेलवे में आवेदन दिया तो रेलवे ने उन्हें पैसा लौटाने से मना कर दिया। रेलवे ने तर्क दिया कि टिकट मूल रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। सुमित ने कई बार संपर्क किया और जब बात नहीं बनी तो साल 2023 के अंत में उपभोक्ता आयोग में केस लगाया।

    टिकट बुकिंग का प्रमाण होने पर राशि लौटाना होगी 

    सुनवाई के बाद आयोग ने माना कि केवल टिकट खो जाने के आधार पर रिफंड नहीं रोका जा सकता है। रेलवे को टिकट की राशि ब्याज सहित लौटाने तथा हर्जाना देने का आदेश दिया। आयोग ने कहा कि केवल तकनीकी आधार पर यात्रियों के वैध अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है। जिला आयोग ने कहा है कि अगर किसी यात्री का वेटिंग टिकट खो जाता है तो केवल इसी आधार पर रेलवे रिफंड देने से इंकार नहीं कर सकती है। आयोग ने साफ किया कि यात्री के पास यात्रा और टिकट बुकिंग का प्रमाण होने पर रेलवे को टिकट की राशि लौटाना होगी।

    आयोग ने कहा-उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन

    आयोग ने यह भी कहा कि रेलवे ने केवल टिकट खो जाने का हवाला देकर यात्री को रिफंड देने से मना कर दिया था, जो उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। आयोग ने इसे सेवा में कमी माना। मामले में आयोग ने दस हजार रुपए मानसिक क्षति के लिए और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए जुर्माने के रूप में देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा टिकट की राशि भी 9 फीसद ब्याज के साथ देने को कहा है। इस तरह आयोग ने कुल 16,524 रुपए की राशि दो माह में देने के आदेश रेलवे को दिए।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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