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रेलवे नियमों में बड़ा बदलाव!रिफंड, बुकिंग और कैंसिलेशन सब कुछ हुआ नया

रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए कई बड़े सुधार लागू किए हैं। अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित इन बदलावों में टिकट बुकिंग से लेकर कैंसिलेशन तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक सुरक्षित बनाया गया है।
रिफंड, बुकिंग और कैंसिलेशन सब कुछ हुआ नया
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा, पारदर्शिता और सिस्टम की मजबूती को ध्यान में रखते हुए बड़े सुधार लागू किए हैं। रेल मंत्रालय की 52 हफ्ते, 52 रिफॉर्म्स पहल के तहत इस बार कई अहम फैसले लिए गए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन बदलावों की जानकारी दी, जिनका सीधा असर टिकट बुकिंग, कैंसिलेशन और प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली पर पड़ेगा।

    फर्जी अकाउंट्स पर सख्ती और डिजिटल सुरक्षा

    रेलवे की टिकटिंग व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए IRCTC ने बड़ा कदम उठाया है। करीब 3 करोड़ फर्जी अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया है ताकि गलत तरीके से टिकट बुकिंग को रोका जा सके।

    अब तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार आधारित OTP सिस्टम लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही एंटी-बॉट तकनीक भी लगाई गई है, जिससे ऑटोमेटेड और फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी। पहले 30 मिनट तक बुकिंग पर कुछ प्रतिबंध रहेगा ताकि सिस्टम पर दबाव कम हो सके।

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    टिकट कैंसिलेशन के नए नियम

    रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे रिफंड प्रक्रिया अब ज्यादा स्पष्ट और समय-आधारित हो गई है।

    • ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय में कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा
    • 8 से 24 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर लगभग 50% रिफंड
    • 24 से 72 घंटे के बीच कैंसिल करने पर करीब 75% रिफंड
    • 72 घंटे से पहले कैंसिल करने पर लगभग पूरा पैसा वापस मिलेगा, केवल मामूली शुल्क कटेगा

    ये नए नियम यात्रियों को समय पर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करेंगे और सिस्टम को अधिक व्यवस्थित बनाएंगे।

    बोर्डिंग और टिकट मैनेजमेंट में सुविधा

    रेलवे ने यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई सुविधाएं जोड़ी हैं-

    • अब यात्री चार्ट बनने से 30 मिनट पहले तक अपने टिकट का बोर्डिंग पॉइंट बदल सकते हैं।
    • बोर्डिंग पॉइंट बदलने की सुविधा पूरी तरह मुफ्त होगी।
    • PRS काउंटर टिकट अब किसी भी स्टेशन से कैंसिल कर सकते हैं।
    • ई-टिकट के लिए अब TDR (Ticket Deposit Receipt) भरने की जरूरत नहीं होगी, रिफंड अपने आप मिल जाएगा।

    यह बदलाव यात्रियों के समय और मेहनत दोनों को बचाएगा और प्रक्रिया को सरल बनाएगा।

    ठेकेदारों के लिए नए और सख्त नियम

    रेलवे प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता और समय पर पूरा होने को सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है।

    • अब रेलवे प्रोजेक्ट में बोली लगाने वाले ठेकेदार के पास कम से कम 20% अनुभव होना जरूरी होगा।
    • 10 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स के लिए 2% बिड सिक्योरिटी अनिवार्य होगी।
    • हर ठेकेदार को प्रोजेक्ट के साथ एक डिटेल वर्क प्लान देना होगा।
    • पहले जहां सब-कॉन्ट्रैक्टिंग 70% तक हो सकती थी, अब इसे घटाकर 40% कर दिया गया है।

    इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुख्य ठेकेदार अधिक जिम्मेदारी लें और काम की गुणवत्ता पर सीधा नियंत्रण रखें।

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    सब-कॉन्ट्रैक्टिंग पर नियंत्रण और जवाबदेही

    नए नियमों के तहत अब मुख्य ठेकेदार को कम से कम 60% काम खुद संभालना होगा। इससे न केवल प्रोजेक्ट की गुणवत्ता बेहतर होगी बल्कि जवाबदेही भी स्पष्ट होगी। यह कदम लंबे समय से चली आ रही देरी और गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करेगा।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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