Sniffer Dogs:भोपाल से ट्रेनिंग लेकर जबलपुर पहुंचे नए स्निफर डॉग, अपराधियों के मंसूबे नाकाम करेंगे ‘मिल्की’ और ‘टैंगो’

जबलपुर पुलिस के बम स्क्वाड को अब दो नए प्रशिक्षित डॉग मिल गए हैं। अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ‘मिल्की’ और ‘टैंगो’ की पहली पोस्टिंग जबलपुर में की गई है। दोनों डॉग भोपाल में विशेष ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सोमवार को बम स्क्वाड कार्यालय पहुंचे।
बारूद की गंध सूंघने में माहिर
बम स्क्वाड प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि मिल्की लेब्राडोर नस्ल का डॉग है जबकि टैंगो जर्मन शेफर्ड नस्ल का है। दोनों की उम्र करीब डेढ़ साल है और इन्हें भोपाल में 9 महीने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। उन्होंने बताया कि दोनों डॉग्स की सबसे बड़ी खासियत विस्फोटक और बारूद की गंध पहचानना है। ये किसी भी संदिग्ध वस्तु या बम की मौजूदगी का तुरंत संकेत देने में सक्षम हैं जिससे बड़ी घटनाओं को होने से पहले रोका जा सकता है।
वीआईपी मूवमेंट और संवेदनशील मामलों में होगी तैनाती
पंकज सिंह के मुताबिक अब किसी भी वीआईपी मूवमेंट, बड़े आयोजन या संवेदनशील इलाके की सुरक्षा जांच में मिल्की और टैंगो को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा अपराधों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पुलिस का मानना है कि इनकी मदद से सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी।
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पहले से मौजूद थे दो डॉग, बढ़ी जरूरत
बम स्क्वाड के पास पहले से दो डॉग मौजूद थे लेकिन बदलते समय और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अतिरिक्त प्रशिक्षित डॉग्स की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मिल्की और टैंगो को जबलपुर भेजा गया है।
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अपराधियों तक पहुंचने में भी माहिर
सिर्फ बम और विस्फोटक पहचानने तक ही नहीं बल्कि बड़े अपराधों में सुराग जुटाने और अपराधियों तक पहुंचने में भी प्रशिक्षित डॉग्स की अहम भूमिका होती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई संवेदनशील मामलों में डॉग स्क्वाड ने अहम सफलता दिलाई है। अब मिल्की और टैंगो के जुड़ने से जबलपुर पुलिस की सुरक्षा और जांच क्षमता पहले से ज्यादा मजबूत मानी जा रही है।












