देहरादून। उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में देर रात बादल फटने की घटनाओं ने एक बार फिर तबाही मचा दी। तेज बारिश और मलबे के चलते कई घरों, गौशालाओं और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में दो लोग लापता हैं, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। वहीं रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं, जिससे हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
चमोली जिले के देवाल तहसील के मोपाटा गांव में बादल फटने से भारी तबाही मची। पहाड़ से अचानक आए मलबे ने घरों और गौशालाओं को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव की गौशालाओं में भी बड़ा नुकसान हुआ है। प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 15 से 20 मवेशी मलबे में दब गए। ग्रामीणों का कहना है कि बादल फटने के बाद इतनी तेजी से पानी और मलबा आया कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
उत्तराखंड : बादल फटने से रुद्रप्रयाग और चमोली में तबाही, अलकनंदा डेंजर लेवल के ऊपर, 2 लोग लापता, एक्शन में रेस्क्यू टीम#Uttarakhand #Chamoli #CloudBurst #LandSlide #Flood #ChamoliCloudBurst @uksdrf #PeoplesUpdate pic.twitter.com/DQXdCKYZJv
— People's Update (@PeoplesUpdate) August 29, 2025
रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं। पानी घरों तक घुस आया है और कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। हालात इतने बिगड़ गए कि रुद्रप्रयाग का हनुमान मंदिर नदी में डूब गया।
केदारघाटी के लवारा गांव में मोटरमार्ग पर बना पुल भी तेज बहाव में बह गया, जिससे छेनागाड़ क्षेत्र का संपर्क कट गया। बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक इलाके में बादल फटने से कई घरों में मलबा भर गया। ग्रामीणों ने खुद ही फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया, बाद में राहत दल मौके पर पहुंचा।
भारी बारिश के चलते बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गया है। नंदप्रयाग, कमेड़ा, बनेरपानी, पागलनाला, गुलाबकोटी, जिलासू और चटवापीपल के पास सड़कें बंद हो गई हैं। इसके कारण चारधाम यात्रा पर आए यात्री बीच रास्ते में फंस गए हैं।
उत्तरकाशी के भटवाड़ी प्रखंड के पापड़ गाड में भी बादल फटने से भागीरथी नदी उफान पर है। गंगोत्री हाइवे पर बने पुल तक पानी और मलबा पहुंच गया, जिससे यातायात ठप हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बादल फटने की घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए एक्स (ट्विटर) पर जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में आपदा से प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाई जा रही है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जाए और हर संभव संसाधन लगाए जाएं।
जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, इस संबंध में निरंतर…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 29, 2025
अचानक आई आपदा से ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिन परिवारों के घर या गौशाला मलबे में दब गए हैं, वे सदमे में हैं। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि राहत और बचाव कार्य तेज किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की।
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