पीपुल्स टीम, भोपाल/ग्वालियर/इंदौर/ जबलपुर। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत अब सीधे आम लोगों की जेब पर असर डाल रही है। भोपाल और ग्वालियर में होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और चाय-नाश्ते की दुकानों पर खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं। ग्वालियर में तो रेस्टोरेंट संचालकों ने बाकायदे कीमतें 10 प्रतिशत बढ़ाने के बोर्ड तक लगा दिए हैं। हालांकि इंदौर में अभी रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों ने दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन उनका कहना है कि कुछ दिन और ऐसी ही स्थिति रही तो खाने-पीने के रेट बढ़ाने पड़ेंगे।
होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों का कहना है कि समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। वहीं ब्लैक में कमर्शियल सिलेंडर दोगुने दाम पर खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी है अन्यथा उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ेगा। भोपाल में छोटे ठेले और नाश्ता दुकानों पर इसका असर सबसे ज्यादा दिख रहा है। कोलार रोड, न्यू मार्केट, एमपी नगर और भेल इलाके में किए गए सर्वे में पाया गया कि ज्यादातर दुकानों ने 20 से 30 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ाई हैं। कुछ जगहों पर मात्रा भी कम कर दी गई है।
दफ्तर जाने वाले, छात्र और रोजाना बाहर नाश्ता करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत छात्रों को हो रही है। उन्हें 10 रुपए की चाय अब 15 में और 20 का पोहा 30 रुपए में मिल रहा है।
पहले गैस आसानी से मिल जाती थी, अब एजेंसी पर कई बार चक्कर लगाना पड़ता है। मजबूरी में महंगे दाम पर सिलेंडर लेना पड़ रहा है, इसलिए 20-25 प्रतिशत तक रेट बढ़ाने पड़े।
राजेश साहू, होटल संचालक, कोलार रोड, भोपाल
खान-पान व्यवसायियों के अनुसार, करीब 2100 रुपए में मिलने वाला कमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में 4000 रुपए तक में खरीदना पड़ रहा है। इसके चलते कई रेस्टोरेंट्स ने अपने यहां बोर्ड लगा दिए हैं, जिनमें गैस संकट के कारण 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लेने की बात कही गई है। पहले 150 से 180 रुपए में मिलने वाली कॉम्बो थाली अब 210 से 230 रुपए में मिल रही है।

काफी प्रयासों के बाद भी कमर्शियल गैस सिलेंडर निर्धारित दर पर नहीं मिल पा रहा है। रेस्टोरेंट चलाने के लिए हमें 4000 रुपए तक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसी वजह से ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लेना मजबूरी बन गई है।
राकेश अग्रवाल, रेस्टोरेंट संचालक
उत्साह रेस्टोरेंट के जीएम अमित परमार ने बताया कि हमने फिलहाल तो रेट नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन यही स्थिति रही तो बढ़ाने पड़ेंगे। वजह- जो कमर्शियल गैस सिलेंडर पहले 1800 रुपए में मिलता था, अब ब्लैक में 4000 रुपए तक में खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में खाने-पीने के दाम 10 से 12 फीसदी बढ़ाने की तैयारी में हैं। जो थाली 220 रुपए की है, वह 240 से 250, 380 की थाली 420-430 करेंगे। अन्य स्नेक्स में भी 10 से 20 रुपए की बढ़ोतरी की तैयारी है।
रेस्टोरेंट संचालकों ने फिलहाल दामों में इजाफा नहीं किया है। उनका कहना है कि यह सही है कि दिक्कत तो हो रही है, मगर हम अभी इंडक्शन या भट्टी का इस्तेमाल कर इसकी कमी पूरी कर रहे हैं।
गैस उपलब्ध न होने से दिक्कत तो हो रही है, मगर अभी हम भट्टी का सहारा ले रहे हैं। कुछ कमी इंडक्शन से भी पूरी की जा रही है। यदि जल्द ही गैस संकट समाप्त हो जाता है, तो दाम बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
विजय वासवानी, संचालक, वासु रेस्टोरेंट, जबलपुर