यूपी कैबिनेट विस्तार के बाद अब विभागों पर सस्पेंस!दिल्ली तक पहुंचा मामला, सामने आई ये वजह

योगी आदित्यनाथ सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नए मंत्रियों के विभाग तय नहीं हो पाए हैं। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 8 नेताओं को शामिल किया गया था। इनमें 2 कैबिनेट मंत्री, 2 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और 4 नए राज्य मंत्री बनाए गए हैं।
इन नेताओं को मिली मंत्रिमंडल में जगह
विस्तार में पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश सिंह राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया है।
विभागों को लेकर चल रहा मंथन
सूत्रों के मुताबिक, सबसे ज्यादा चर्चा नए कैबिनेट मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों के विभागों को लेकर हो रही है। सरकार और संगठन स्तर पर लगातार बैठकों का दौर जारी है। बताया जा रहा है कि कई मौजूदा विभागों में बदलाव और राजनीतिक-सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश के चलते फैसला लंबा खिंच रहा है।
ये भी पढ़ें: ‘जिस शाख पर बैठे हो वो टूट भी सकती है…’ योगी कैबिनेट विस्तार से पहले बृजभूषण का पोस्ट क्यों बना चर्चा का विषय?
दिल्ली दौरे के बाद बढ़ीं अटकलें
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर भी गए, जहां उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों का कहना है कि जिन विभागों को मुख्यमंत्री देना चाहते हैं, उन पर केंद्रीय नेतृत्व की सहमति नहीं बन पाई है। यही वजह है कि विभागों का बंटवारा अब तक नहीं हो सका।
2027 चुनाव को ध्यान में रखकर फैसला
माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे में क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति को ध्यान में रखा जा रहा है। फिलहाल, सभी की नजरें मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।











