MP High Court : तीसरी पेशी पर फिर हाजिर रहें संजय पाठक, क्रिमिनल कंटेम्प्ट पर हाईकोर्ट के निर्देश

जबलपुर। जज को फोन करने पर दर्ज हुए क्रिमिनल कन्टेम्प्ट की सुनवाई पर गुरुवार को कटनी के भाजपा विधायक संजय पाठक हाईकोर्ट में लगातार दूसरी पेशी पर हाजिर हुए। चूंकि मुकदमे का नंबर आते-आते पौने पांच बज गए थे, इसलिए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई 15 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी।
सवा दो घंटे कोर्ट में रहे विधायक पाठक
सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की ओर से कहा गया कि अगली पेशी पर उन्हें हाजिर होने से छूट दी जाए, लेकिन इस आग्रह को ठुकराते हुए बेंच ने कहा कि तीसरी पेशी पर भी संजय पाठक को हाजिर होना ही पड़ेगा। गुरुवार को हुई सुनवाई के लिए विधायक संजय पाठक ढाई बजे हाईकोर्ट पहुंचे। करीब सवा दो घंटे तक वो कोर्ट में रहे।
आपराधिक अवमानना का मामला है दर्ज
गौरतलब है कि जस्टिस विशाल मिश्रा को फोन करके संपर्क करने की कोशिश पर विधायक संजय पाठक के खिलाफ हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना का यह मामला दर्ज किया है। संपर्क करने की कोशिश का खुलासा खुद जस्टिस मिश्रा ने 1 सितंबर 2025 को हुई सुनवाई के दौरान किया था और विधायक संजय पाठक के परिवार से जुड़ी खदानों से संबंधित मुकदमे की सुनवाई से वो हट गए थे।
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मुकुल रोहतगी ने वीसी के जरिए रखा पक्ष
2 अप्रैल को हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया इसे आपराधिक अवमानना का मामला मानते हुए विधायक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। बीते 21 अप्रैल को हुई सुनवाई पर विधायक संजय पाठक हाजिर हुए थे और कोर्ट ने उन्हें 14 मई को फिर से हाजिर होने कहा था। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान संजय पाठक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए), वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे, अधिवक्ता संपूर्ण तिवारी व शमिला इरम फातिमा ने पक्ष रखा।
कमेन्ट करने से किया इनकार
पेशी के बाद कोर्ट से बाहर निकलते ही पत्रकारों ने विधायक संजय पाठक को घेर लिया। उनसे पूछा गया कि क्या वाकई उन्होंने जस्टिस मिश्रा को फोन किया था? जवाब में उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए कोई भी कमेन्ट करना उचित नहीं है। उन्होंने यह जरूर कहा कि कोर्ट का फैसला आते ही सभी को इस सवाल का जवाब जरूर मिल जाएगा।
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