अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट पर बड़ा एक्शन, ग्रीन कार्ड स्पॉन्सरशिप प्रोग्राम PERM से निलंबित; भारतीय कर्मचारियों की बढ़ी चिंता

अमेरिकी सरकार ने टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट को विदेशी कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड स्पॉन्सर करने की प्रक्रिया से जुड़े PERM कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और श्रम मंत्री कीथ सोंडरलिंग ने 8 अक्टूबर को वॉशिंगटन में इसकी घोषणा की। इस फैसले के बाद अमेरिकी श्रम विभाग माइक्रोसॉफ्ट के नए PERM आवेदन स्वीकार नहीं करेगा और पहले से लंबित आवेदनों पर भी आगे की प्रक्रिया नहीं करेगा। इस कार्रवाई का असर उन विदेशी कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जो माइक्रोसॉफ्ट के माध्यम से अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया में हैं। भारतीय तकनीकी पेशेवरों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी में बड़ी संख्या में भारतीय कर्मचारी काम करते हैं। हालांकि PERM पर रोक का अर्थ यह नहीं है कि सभी H-1B वीजा या पहले से जारी ग्रीन कार्ड अपने आप रद्द हो गए हैं।
अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी और विदेशी भर्ती पर सवाल
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट पर वीजा और ग्रीन कार्ड से जुड़ी व्यवस्था का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कंपनी ने पिछले साल करीब 6,000 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि उसके यहां H-1B वीजा पर लगभग 6,300 लोग काम कर रहे थे और करीब 3,000 कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड हासिल किए गए। वेंस ने आरोप लगाया कि कंपनी अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम लागत पर विदेशी कर्मचारियों को रखने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कंपनियों को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर सुरक्षित करना है। श्रम मंत्री कीथ सोंडरलिंग ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट को कई सक्रिय संघीय जांचों के कारण PERM कार्यक्रम से निलंबित किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के ये आरोप हैं; इन्हें किसी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
माइक्रोसॉफ्ट ने आरोपों पर दिया बयान
माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिकी सरकार के आरोपों के जवाब में अपनी भर्ती प्रक्रिया का बचाव किया है। कंपनी के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में उसके द्वारा दाखिल किए गए करीब 6,000 H-1B आवेदनों में से लगभग 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों के वीजा की अवधि बढ़ाने या उनकी स्थिति में बदलाव से जुड़े थे। कंपनी ने कहा कि ये आवेदन नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए नहीं थे। कंपनी के अनुसार, बाकी आवेदनों में ऐसे लोग शामिल थे, जो पहले से अमेरिका में कानूनी रूप से रह रहे थे। माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी कहा कि H-1B वीजा के लिए आवेदन केवल उन्हीं लोगों के लिए किया जाता है, जो इस श्रेणी की कड़ी शर्तों को पूरा करते हैं। कंपनी का दावा है कि उसके H-1B कर्मचारियों को तुलनीय काम करने वाले अन्य कर्मचारियों के समान वेतन दिया जाता है और उसकी ओर से दाखिल वीजा आवेदनों में वेतन स्तर भी ऊंचा रहता है।
क्या है PERM कार्यक्रम और ग्रीन कार्ड से इसका संबंध?
PERM का पूरा नाम Permanent Labor Certification है। यह अमेरिकी रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। आम तौर पर नियोक्ता को यह साबित करना होता है कि संबंधित पद के लिए योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है या विदेशी कर्मचारी की नियुक्ति निर्धारित श्रम नियमों के अनुरूप है। H-1B वीजा विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में विशेष कौशल वाले पदों पर काम करने की अनुमति देता है, जबकि PERM प्रक्रिया कुछ कर्मचारियों के लिए रोजगार के आधार पर स्थायी निवास पाने की राह का हिस्सा होती है। दोनों प्रक्रियाएं अलग हैं। इसलिए माइक्रोसॉफ्ट पर PERM संबंधी रोक का सीधा असर ग्रीन कार्ड के लिए चल रहे और नए आवेदनों पर पड़ सकता है। यह अपने आप कंपनी के सभी H-1B कर्मचारियों के मौजूदा वीजा समाप्त होने का आदेश नहीं है।
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माइक्रोसॉफ्ट के ग्रीन कार्ड आवेदनों पर अनिश्चितता
अमेरिकी श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट PERM आवेदन दाखिल करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रही है। ऐसे में नए आवेदन स्वीकार नहीं होने और लंबित मामलों पर कार्रवाई रुकने से कंपनी के कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। PERM आवेदन की प्रक्रिया पहले से ही लंबी रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में इस प्रक्रिया को पूरा होने में औसतन 336 दिन लग रहे थे। अब निलंबन की अवधि और बहाली की शर्तों को लेकर स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है। इस स्थिति में ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को अपने मामले की स्थिति और किसी वैकल्पिक कानूनी प्रक्रिया के बारे में अधिकृत इमिग्रेशन विशेषज्ञ से सलाह लेनी पड़ सकती है।
भारतीय IT पेशेवरों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में देरी स्थायी निवास की योजना, नौकरी बदलने और परिवार से जुड़े फैसलों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, हर कर्मचारी की स्थिति उसके वीजा प्रकार, आवेदन के चरण और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी सरकार का कहना है कि वह विदेशी कर्मचारियों की भर्ती से जुड़े नियमों के कथित दुरुपयोग की जांच कर रही है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि उसकी भर्ती और वीजा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार है।




















