ईरान जंग में अमेरिका को भारी नुकसान :42 एयरक्राफ्ट और ड्रोन तबाह, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने बताएं डराने वाले आंकड़े

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के ईरान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी संसद की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस युद्ध में अमेरिका को भारी हवाई नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना के 42 एयरक्राफ्ट और ड्रोन या तो पूरी तरह तबाह हो गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। दूसरी तरफ न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और इजराइल सिर्फ ईरान की परमाणु ताकत कमजोर नहीं करना चाहते थे, बल्कि वहां सत्ता परिवर्तन की भी योजना बनाई गई थी।
अमेरिका को कितना नुकसान हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने युद्ध में अपने कई अहम लड़ाकू विमान खो दिए। इनमें आधुनिक फाइटर जेट और हाईटेक ड्रोन शामिल हैं। जो अमेरिकी सेना का सबसे मजबूत हथियार माना जाता है। हालांकि दूसरी ओर ईरान को भी इस युद्ध में भारी नुकसान हुआ है। क्योंकि अमेरिका की हर जवाबी कार्रवाई में भी उसने करारा जवाब दिया है।
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किस कैटेगरी हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
- 42 एयरक्राफ्ट और ड्रोन तबाह या डैमेज
- 6 फाइटर और अटैक जेट प्रभावित
- 1 F-35 फाइटर जेट नष्ट
- 4 F-15E स्ट्राइक ईगल क्षतिग्रस्त
- 1 A-10 थंडरबोल्ट-II तबाह
- 25 ड्रोन नष्ट
- इनमें 24 MQ-9 रीपर और 1 MQ-4C ट्राइटन शामिल
- 11 अन्य विमान भी क्षतिग्रस्त
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पहले ही बता चुका है कि इस जंग पर करीब 2.81 लाख करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।
तख्तापलट की भी थी तैयारी
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने ईरान में सत्ता बदलने का प्लान भी तैयार किया था। इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को संभावित नए चेहरे के तौर पर देखा जा रहा था।
रिपोर्ट में दावा है कि युद्ध के पहले दिन इजराइल ने तेहरान में अहमदीनेजाद के घर के पास हमला किया था। मकसद उन्हें कथित नजरबंदी से बाहर निकालना था, लेकिन वे सुरक्षित बच गए। इसके बाद अमेरिका और इजराइल ने अपने तख्तापलट वाले प्लान से दूरी बना ली।
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3 चरणों में तैयार किया गया था प्लान
पहला चरण
ईरान के बड़े नेताओं को निशाना बनाकर लगातार हवाई हमले करना और कुर्द लड़ाकों को सक्रिय करना।
दूसरा चरण
देश में अराजकता और अस्थिरता का माहौल बनाना, ताकि लगे कि सरकार हालात संभाल नहीं पा रही।
तीसरा चरण
गैस, बिजली और जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाकर राजनीतिक दबाव बढ़ाना और फिर नया नेतृत्व सामने लाना।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
1. अमेरिका की सैन्य शक्तियों पर रोक वाला प्रस्ताव पास
अमेरिकी सीनेट में ऐसा प्रस्ताव पास हुआ है, जिसके बाद ईरान के खिलाफ लंबी सैन्य कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को कांग्रेस की मंजूरी लेनी पड़ सकती है।
2. ट्रंप बोले- ईरान की एयरफोर्स लगभग खत्म
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग तबाह हो चुकी है।
3. होर्मुज स्ट्रेट से 26 जहाज गुजरे
ईरान की मंजूरी के बाद तेल टैंकर और कॉमर्शियल जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया।
4. UAE बना रहा नई पाइपलाइन
यूएई की ADNOC कंपनी होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाली नई पाइपलाइन पर तेजी से काम कर रही है।
5. UN ने दी फूड क्राइसिस की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा, तो दुनिया में खाद्य संकट और महंगाई बढ़ सकती है।
अमेरिका बोला- युद्ध ही एकमात्र विकल्प
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अलावा अमेरिका के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। उनके मुताबिक ईरान तेजी से परमाणु हथियार बनाने की दिशा में बढ़ रहा था, जिसे रोकना जरूरी था।
ट्रंप का दावा किया कि अमेरिकी दबाव का असर अब दिखने लगा है और ईरान बातचीत व समझौते के संकेत दे रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ईरानी राष्ट्रपति और पाकिस्तान के गृह मंत्री के बीच मुलाकात
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तेहरान में पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसिन नकवी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान-अमेरिका तनाव और दोनों देशों के रिश्तों पर चर्चा हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 90 मिनट चली इस बैठक में मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हालात, सीमा सुरक्षा और अमेरिका-ईरान वार्ता दोबारा शुरू कराने की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब पूरे पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत फिलहाल ठप पड़ी हुई है।











