MP News :मप्र में ब्लैक स्पॉट घटे तो दुर्घटनाएं 728, मौतें 320 कम हुईं

आशीष शर्मा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश में सड़क हादसों में मुख्य वजह बनने वाले ब्लैक स्पॉटों की संख्या में कमी आई है। वर्ष 2024 में 481 ब्लैक स्पॉट थे, वो वर्ष 2025 में घटकर 450 रह गए हैं।
सड़क सुरक्षा कमेटी ने ब्लैक स्पॉट कम करने को कहा
हाल में सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा कमेटी ने सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार ब्लैक स्पॉटों को मुआयना किया और कहा है कि जिन सड़कों पर ब्लैक स्पॉट हैं, वह एनएचएआई, एमपीआरडीसी की हो या पीडब्ल्यूडी की। विभाग उस जगह का निराकरण करके ब्लैक स्पॉट जल्द से जल्द खत्म करने की दिशा में काम करें। कमेटी ने इस बात की प्रशंसा की है ऑनलाइन चालान के जरिए जो धनराशि प्राप्त होती है, उसका 50 फीसदी उपयोग सड़क सुरक्षा पर किया जा रहा है।
इन जिलों में ब्लैक स्पॉट कम हुए
अनूपपुर 7, जबलपुर-रतलाम 6-6, भोपाल, सागर, रायसेन 5-5, नरसिंहपुर, खरगौन 4, शहडोल, बड़वानी, राजगढ़ 3-3, अशोकनगर, सीहोर, भिंड, इंदौर रुरल, झाबुआ, पांडुरना, उमरैया, निवाड़ी में 1-1 ब्लैक स्पॉट कम हुए हैं। वर्ष 2024 में सबसे अधिक ब्लैक स्पॉट जबलपुर 47, खरगोन 26, रायसेन 18, भोपाल, इंदौर, बड़वानी 17, इंदौर रुरल 16-16 थे। टीकमगढ़ 3-20, उज्जैन में 15-20, , डिंडोरी 4-6, बालाघाट 6-7, दमोह 12-14, देवास 10-12, मुरैना 8-13, गुना 10-11, भोपाल रुरल 8-9 ब्लैक स्पॉट बढ़े हैं।
सड़क सुरक्षा कमेटी ने ये सुझाव दिए हैं
सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा कमेटी ने यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ ऑनलाइन चालानी कार्रवाई बढ़ाने के लिए जिलों में स्मार्ट सिटी के जरिए इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) बढ़ाने की बात कही है। अभी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा, सतना, जबलपुर, ग्वालियर में आईटीएमएस, आईसीसीसी हैं। कमेटी ने पीएम राहत योजना का प्रचार-प्रसार करने को कहा है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 1.50 लाख रुपए मिलते हैं।
इस स्थिति में ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है
सरकारी और परिवहन विभाग के अनुसार यदि किसी सड़क के एक छोटे से हिस्से में पिछले 3 वर्षों के दौरान कम से कम 5 गंभीर दुर्घटनाएं हुई हों या 10 से ज्यादा लोगों की मौत हुई हो तो उस जगह को ब्लैक स्पॉट घोषित कर दिया जाता है। ऐसी जगहों पर सरकार चेतावनी बोर्ड लगाती है। हादसों की रोकथाम के लिए किए गए उपायों के बाद हादसों में कमी आती है तो ये क्षेत्र ब्लैक स्पॉट की सूची से बाहर होता है।
सड़क सुरक्षा कमेटी के सुझावों पर अमल कर रहे
प्रदेश में एक साल में 31 ब्लैक स्पॉट कम हुए हैं। इसके कारण जनवरी-मार्च 2025 की तुलना में दुर्घटना, मौतों में कमी आई है। प्रदेश में आई सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा कमेटी ने ब्लैक स्पॉट कम करने के अलावा अन्य सुझाव दिए हैं, जिन पर अमल किया जा रहा है।
किरन शर्मा, उप परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश












