परीक्षा से बचने के लिए की शादी:अब पढ़ाई के दबाव में मांगा तलाक, 'विवाह का कोई फायदा नहीं हुआ; पढ़ाई से नहीं छूट रहा पीछा'

परीक्षा का डर कभी-कभी जिंदगी के बड़े फैसलों को भी प्रभावित कर देता है। भोपाल फैमिली कोर्ट में ऐसा ही एक अनोखा मामला सामने आया है। युवती ने 12वीं की परीक्षा से बचने के लिए प्रेम विवाह कर लिया था। अब वही शादी उसके लिए बोझ बन गई और उसने तलाक की मांग कर दी।
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अब पढ़ाई के दबाव में मांगा तलाक, 'विवाह का कोई फायदा नहीं हुआ; पढ़ाई से नहीं छूट रहा पीछा'

पल्लवी वाघेला, भोपाल। युवती ने परीक्षा से बचने के लिए 18 साल की उम्र में शादी की थी। पति अब उसे आगे पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिससे विवाद बढ़ा। इसी तरह के दो और मामले भी कोर्ट में विचाराधीन हैं। जहां पत्नियों ने पढ़ाई और करियर के दबाव को तलाक की वजह बताया है।

परीक्षा के डर से लिया शादी का फैसला 

परीक्षा का भय किसी पर इस कदर भी हावी हो सकता है कि वह इससे बचने शादी जैसा कदम उठा ले। मामला थोड़ा अजीब है, लेकिन फैमिली कोर्ट भोपाल में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, तलाक की मांग कर रही युवती ने फैमिली कोर्ट में कहा कि उसने केवल 12वीं की परीक्षा से बचने के लिए घर से भागकर प्रेमी से शादी की थी। अब पति भी चाहता है कि वह 12वीं की परीक्षा दे। ऐसे में उसे शादी का कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि पढ़ाई से पीछा छूट ही नहीं पा रहा।

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शादी के बाद भी नहीं छूटा पढ़ाई का पीछा

युवती का कहना है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया था ताकि पढ़ाई से छुटकारा मिल सके। लेकिन शादी के बाद स्थिति उलट गई। पति लगातार उसे 12वीं की परीक्षा देने के लिए कहता रहा। इससे युवती को मानसिक दबाव महसूस होने लगा। उसे लगा कि शादी करने के बाद भी उसकी समस्या खत्म नहीं हुई है। यही कारण है कि अब वह इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती है।

बर्थडे के दिन घर छोड़कर किया विवाह 

प्रेम विवाह वाले मामले में युवती की उम्र वर्तमान में 20 वर्ष है जबकि पति 25 साल का है। पति, एक साल पहले शासकीय सेवा में पदस्थ हुआ है। काउंसलर शैल अवस्थी ने बताया कि दंपति ने दो साल पहले शादी की। युवती अपने 18वें जन्मदिन के दिन ही घर से भागकर शादी की थी। अब उसने तलाक मांगा है।

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एक महीने में ही महसूस हुई गलती

जब मामला काउंसलिंग में पहुंचा तो युवती ने कहा कि उस वक्त 12वीं की परीक्षा चल रही थी। वह मजबूरी में पेपर दे रही थी। एक पेपर देने के बाद ही उसका जन्मदिन था। उसने प्रेमी से कहा कि घरवाले उसकी शादी कर रहे हैं। हालांकि, असल बात यह थी कि वह पेपर देने से बचना चाह रही थी और चाहती थी कि शादी हो जाए ताकि आगे पढ़ाई से पीछा छूट जाए। इसके चलते 18 की होते ही उसने प्रेमी से शादी कर ली।

पति के दबाव से बढ़ा तनाव

युवती ने कहा कि एक महीने में ही उसे लगने लगा कि उसने गलती कर दी क्योंकि पति बार-बार कहता था जल्दबाजी के चक्कर में तुम्हारी 12वीं नहीं हो पाई, अगली बार पेपर दे देना। युवती के मुताबिक किसी तरह उसने एक साल टाल दिया, लेकिन पति की सरकारी नौकरी लगते ही उसपर आगे की पढ़ाई के लिए दबाव बनने लगा। इससे घबराकर वह माता-पिता के पास लौट गई।

दो और मामलों में भी पढ़ाई बना विवाद

यह इकलौता मामला नहीं, ऐसे दो अन्य मामले भी कोर्ट में वर्तमान में विचाराधीन है। इनमें से एक मामले में पति ने संबंधों की पुनर्स्थापना के लिए आवेदन दिया है और पत्नी लंबे समय से इंदौर में अपने मायके में है। वहीं, दूसरे मामले में युवती ने खुद तलाक का केस लगाया है। दोनों मामलों में पत्नियों का तर्क है कि शादी के बाद जब वह गृहस्थी चला रही हैं तो उनसे आगे पढ़ने या करियर बनाने की उम्मीद क्यों रखी जा रही हैं। दोनों ने इसे मानसिक प्रताड़ना बताते हुए तलाक की मांग की है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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