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कैलिफोर्निया। अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित नेवल एयर स्टेशन लेमूर (NAS Lemoore) में एक बार फिर से F-35C फाइटर जेट हादसे का शिकार हो गया है। यह विमान 31 जुलाई 2025 को स्थानीय समयानुसार शाम 4:30 बजे एक रूटीन ट्रेनिंग उड़ान पर था, तभी अचानक तकनीकी खराबी के कारण यह खेतों में जा गिरा। दुर्घटना के समय विमान हवा में ही असंतुलित हो गया था, जिसके बाद पायलट ने तुरंत इजेक्ट कर खुद की जान बचाई।
हादसे के वक्त विमान का पायलट सतर्क रहा। उसने समय पर पैराशूट के जरिए विमान से बाहर निकलकर जान बचा ली। हालांकि उसे मामूली चोटें आईं, लेकिन वह सुरक्षित है और एहतियातन उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस हादसे में कोई अन्य व्यक्ति घायल नहीं हुआ है।
हादसे के तुरंत बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें देखा जा सकता है कि विमान खेतों में गिरते ही आग के गोले में तब्दील हो गया। चारों ओर काला धुंआ फैल गया और स्थानीय लोग भी सहम गए। राहत की बात यह रही कि विमान रिहायशी इलाके से दूर गिरा, वरना नुकसान बड़ा हो सकता था।
नौसेना ने पुष्टि की है कि यह फाइटर जेट स्ट्राइक फाइटर स्क्वाड्रन VFA-125 ‘Rough Raiders’ से संबंधित था। यह यूनिट अमेरिकी नौसेना की फ्लीट रिप्लेसमेंट स्क्वाड्रन के तहत आती है और इसका मुख्य कार्य पायलटों और एयरक्रू को ट्रेनिंग देना होता है। यानी यह मिशन पर नहीं, बल्कि ट्रेनिंग फ्लाइट पर था।
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे की वजह तकनीकी खराबी मानी जा रही है, लेकिन नौसेना ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। एक विशेषज्ञ टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि हादसे के पीछे असली कारण क्या था- मानवीय भूल, तकनीकी खामी या फिर मेंटेनेंस से जुड़ी कोई चूक।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर अमेरिका के सबसे एडवांस माने जाने वाले फाइटर जेट की सुरक्षा और भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विमानों की सुरक्षा जांच और मेंटेनेंस को और अधिक सख्त बनाने की ज़रूरत है, क्योंकि इन पर करोड़ों डॉलर खर्च होते हैं और ये किसी भी देश की सैन्य शक्ति का अहम हिस्सा होते हैं।