हरिद्वार। अमित शाह एक दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे। देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद शाह हेलीकॉप्टर से हरिद्वार के बैरागी कैंप मैदान पहुंचे, जहां बड़ी जनसभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में उन्होंने E-0 FIR प्रणाली की शुरुआत की और 1129.91 करोड़ रुपए की 39 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश में जहां-जहां घुसपैठिए हैं, उन्हें चिन्हित कर बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा फायदा देवभूमि उत्तराखंड को मिलेगा।
शाह ने यह भी कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए यहां के युवाओं ने लंबा संघर्ष किया था और रामपुर तिराहा कांड को राज्य कभी नहीं भूल सकता।
आगे शाह ने कहा कि हरिद्वार का कुंभ पूरे देश की आस्था का केंद्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में कुंभ के साथ उत्तराखंड में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी। ऐसे में साफ है कि भाजपा अगर अपनी सरकार बनाती है तो धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर खास ध्यान रखा जाएगा। साथ ही इससे जुड़ी योजनाओं पर भी पार्टी काम करेगी।
वहीं कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने CAA के तहत 3 पाकिस्तानी और 1 अफगानिस्तानी शरणार्थी को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र भी सौंपे। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों से आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देना सरकार की प्रतिबद्धता है।
आगे वे कहते हैं कि अब युवाओं को नौकरी पाने के लिए न पर्ची की जरूरत है और न ही खर्ची की। पारदर्शी व्यवस्था के कारण युवाओं को मेरिट के आधार पर रोजगार मिल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के मार्गदर्शन में उत्तराखंड तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ संस्कृति और परंपराओं को भी सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, साधु-संतों और स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही।