Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

रुबियो के भारत दौरे पर राहुल गांधी का तंज, बोले- मोदी जी अधिकारियों को समझा दें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर सियासत तेज हो गई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा, जबकि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने विदेश मंत्रालय की चुप्पी पर सवाल उठाए। जानिए मुंबई में एस. जयशंकर और रुबियो की संभावित मुलाकात, अमेरिकी राजदूत के बयान और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े कांग्रेस के दावों की पूरी कहानी।
रुबियो के भारत दौरे पर राहुल गांधी का तंज, बोले- मोदी जी अधिकारियों को समझा दें
मार्को रुबियो और जयशंकर की मुलाकात पर सवाल, कांग्रेस ने विदेश मंत्रालय को घेरा

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। मुंबई में उनकी संभावित बैठक और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की इसमें मौजूदगी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल पूछे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी ही इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आखिर चल क्या रहा है।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर कसा तंज

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी मार्को रुबियो के दौरे को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि मोदी जी को अपने अधिकारियों को स्थिति समझानी चाहिए। राहुल ने यह भी कहा कि अगर प्रधानमंत्री चाहें, तो वह खुद भी उन्हें समझा सकते हैं। राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री के प्रस्तावित भारत दौरे और मुंबई में होने वाली संभावित बैठकों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। कांग्रेस इस दौरे से जुड़ी जानकारी और विदेश मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठा रही है।

रुबियो के मुंबई दौरे पर कांग्रेस ने क्या सवाल उठाए?

कांग्रेस ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के प्रस्तावित मुंबई दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि अगर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रुबियो से मुलाकात होने वाली है, तो इसकी आधिकारिक जानकारी विदेश मंत्रालय की ओर से क्यों नहीं दी गई है? कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी एक्स पर पोस्ट करके इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत की ओर से मार्को रुबियो के आगामी मुंबई दौरे की जानकारी देना कोई हैरानी की बात नहीं है। रुबियो के मुंबई में भारत सरकार के अधिकारियों से मिलने की खबर भी अप्रत्याशित नहीं है। हालांकि, जयराम रमेश ने इस बात पर सवाल उठाया कि अमेरिकी राजदूत ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भी बैठक में शामिल होने की संभावना जताई है। उन्होंने पूछा कि आखिर कब से भारत के विदेश मंत्री की देश के भीतर होने वाली बैठकों की जानकारी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता के बजाय किसी दूसरे देश के राजदूत की ओर से दी जाने लगी?

X Post

ये भी पढ़ें: महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी तेज, इसी महीने बुलाया जा सकता है संसद का विशेष सत्र

ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र

जयराम रमेश ने अपने बयान में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि 10 मई 2025 की शाम भारत को पहली बार मार्को रुबियो से ही जानकारी मिली थी कि ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया गया है। कांग्रेस नेता ने इसी संदर्भ में सवाल किया कि जब रुबियो के साथ विदेश मंत्री की संभावित मुलाकात मुंबई में होनी है, तो विदेश मंत्रालय इस बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी क्यों नहीं दे रहा है?

क्या है पूरा मामला?

मार्को रुबियो के प्रस्तावित भारत दौरे में मुंबई और गुजरात के जामनगर का नाम सामने आने के बाद इस यात्रा को लेकर चर्चा शुरू हुई है। हालांकि, दौरे के कार्यक्रम और संभावित बैठकों से जुड़ी जानकारी को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी और जयराम रमेश की टिप्पणियों से साफ है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार से जवाब चाहती है। पार्टी का मुख्य सवाल यह है कि भारत के विदेश मंत्री की संभावित बैठक की जानकारी विदेश मंत्रालय के बजाय अमेरिकी राजदूत की ओर से क्यों सामने आई। फिलहाल, इस मुद्दे पर कांग्रेस के सवाल और नेताओं के बयान राजनीतिक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। प्रस्तावित दौरे के कार्यक्रम और बैठक को लेकर विदेश मंत्रालय की आधिकारिक स्थिति सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

Latest Posts