LPG Cylinder: गैस सिलेंडर की बुकिंग में आधार वेरिफिकेशन पर विवाद, हाई कोर्ट पहुंचा मामला

दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग और सब्सिडी से जुड़ा नियम अब अदालत पहुंच गया है। सरकार का मकसद फर्जी कनेक्शन और गैस की कालाबाजारी रोकना है, लेकिन इस प्रक्रिया से दृष्टिबाधित लोगों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार उपभोक्ताओं को परेशानी होने की आशंका जताई गई है। दूसरी ओर, 16 अक्टूबर 2026 को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
खबर का पूरा री-राइट
दिल्ली हाई कोर्ट में LPG सिलेंडर की बुकिंग और सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य करने का मामला पहुंच गया है। 1 अक्टूबर 2026 से लागू इस नियम को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह प्रक्रिया दृष्टिबाधित लोगों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
LPG Aadhaar Verification: क्या है पूरा मामला?
सरकार ने 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी किया है। इस प्रक्रिया में उपभोक्ता की पहचान की पुष्टि फिंगरप्रिंट या आंखों की पुतली यानी आईरिस स्कैन के जरिए की जाती है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सब्सिडी का सही लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। इसके जरिए फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शन की पहचान करने, सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकने और घरेलू गैस सिलेंडरों को व्यावसायिक इस्तेमाल में जाने से रोकने में मदद मिल सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, उपभोक्ता गैस की डिलीवरी के समय, वितरक के कार्यालय या तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप के जरिए भी प्रमाणीकरण करा सकते हैं।
दृष्टिबाधित वकील ने नियम को दी चुनौती
इस नियम के खिलाफ 75 प्रतिशत दृष्टिबाधित वकील पुलकित लूथरा ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में सवाल उठाया गया है कि जब गैस सिलेंडर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है, तो ऐसी अनिवार्य प्रक्रिया उन लोगों के लिए मुश्किल क्यों बने, जो किसी शारीरिक परेशानी के कारण बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा नहीं कर सकते। दृष्टिबाधित लोगों के अलावा बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार उपभोक्ताओं को भी फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन कराने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में आशंका जताई गई है कि जरूरी प्रमाणीकरण पूरा न कर पाने के कारण कुछ पात्र उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।
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हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत के सामने यह सवाल है कि आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य बनाते समय दिव्यांगों और अन्य जरूरतमंद उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किस तरह किया जाएगा। अब केंद्र सरकार के जवाब और अदालत की आगे की सुनवाई पर नजर रहेगी। इस मामले में सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने की जरूरत और हर पात्र उपभोक्ता के लिए गैस की सुविधा सुलभ बनाए रखने के बीच संतुलन अहम है।
दिल्ली में कितने हैं रेट?
आधार वेरिफिकेशन विवाद के बीच 16 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव दर्ज नहीं हुआ।
- घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलो): ₹942
- कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलो): ₹2,810
घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1 अक्टूबर को ₹62.50 बढ़ाई गई थी। इसलिए होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए गैस पहले के मुकाबले महंगी हुई है।




















