'जवाब मिलेगा'...अमेरिकी हमले के बाद ईरान की खुली धमकी, तेल के दामों में बड़ा उछाल

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। आज सुबह अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान को कमजोर करना है, जिससे वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और आम नाविकों को निशाना बना सके। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। वहीं, इस घटनाक्रम का असर दुनिया भर के तेल बाजार पर भी देखने को मिला, जहां कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई।
अमेरिका ने क्यों किया हमला?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हाल ही में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर हमला किया था। इस हमले में जहाज में आग लग गई और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। अमेरिका का कहना है कि इसी घटना के जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों और क्षमताओं को निशाना बनाया गया, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।
CENTCOM ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि सोमवार शाम 5 बजे (अमेरिकी समय) से ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू किए गए। CENTCOM के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है, ताकि ईरानी सेना को उसकी गतिविधियों के लिए जवाबदेह बनाया जा सके।
ईरान ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की यह सैन्य कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर का खुला उल्लंघन है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहा है और युद्धविराम समझौतों का सम्मान नहीं कर रहा। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से भी मांग की कि वह अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई करे और उसे इन सैन्य हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराए।
यह भी पढ़ें: UAE, कतर, बहरीन... हर तरफ धमाके, ईरान के पलटवार से मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
ईरान की चेतावनी- हमला करने वालों को मिलेगा जवाब
ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि अगर कोई देश अपनी जमीन, एयरबेस या अन्य सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए होने देगा, तो उसे भी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ईरान ने कहा कि ऐसे देशों को संभावित सैन्य लक्ष्य माना जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को बताया झूठ
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उन टिप्पणियों को भी खारिज कर दिया, जिनमें मस्कट में हुई बातचीत का जिक्र किया गया था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका के दावे पूरी तरह गलत हैं और उनका वास्तविक घटनाओं से कोई संबंध नहीं है। ईरान का कहना है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
तेल की कीमतों में आया बड़ा उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया। तनाव बढ़ने के बाद निवेशकों को आशंका है कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी डर के कारण सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 78.68 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगभग 3.5 प्रतिशत बढ़कर 73.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
बहरीन में बजे मिसाइल सायरन
अमेरिकी हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान की जवाबी कार्रवाई की आशंका के बीच बहरीन में मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजने लगे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। हालांकि, अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है।
फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील कर रहा है, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और किसी बड़े युद्ध जैसी स्थिति से बचा जा सके।











