US-Iran War :लगातार 9वीं रात ईरान पर अमेरिकी हमला, होर्मुज में धधका व्यापारिक जहाज; बहरीन में हाई अलर्ट

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब और भी खतरनाक दौर में पहुंच गया है। अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने फाइटर जेट और मिसाइलों से ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
इन हमलों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बड़े व्यापारिक जहाज में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। वहीं बहरीन में अमेरिकी दूतावास ने संभावित ईरानी हमले की आशंका जताते हुए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है। दूसरी ओर ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई का दावा कर रहा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
क्यों किए जा रहे हैं लगातार हमले?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमलों के लिए किया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, अमेरिका की कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार या परमाणु मिसाइल क्षमता हासिल करने से रोकना है।
किन-किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
CENTCOM के अनुसार हमलों में कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
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निशाना |
विवरण |
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सैन्य कमांड सेंटर |
ईरानी सैन्य संचालन को कमजोर करने के लिए हमला |
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एयर डिफेंस सिस्टम |
हवाई सुरक्षा नेटवर्क पर हमला |
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मिसाइल लॉन्च साइट्स |
बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता कम करने की कोशिश |
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ड्रोन लॉन्च बेस |
ड्रोन ऑपरेशन रोकने का प्रयास |
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तटीय निगरानी ठिकाने |
होर्मुज क्षेत्र में निगरानी क्षमता प्रभावित करने की कार्रवाई |
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तबरीज मिसाइल फील्ड |
हमले के बाद आग लगने की खबर |
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज समेत कई इलाकों में विस्फोट हुए। वहीं दक्षिणी प्रांत होरमोज़गान, बुशेहर और चाबहार में भी धमाकों की पुष्टि हुई है। इसके बाद कोनारक क्षेत्र में ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया।
होर्मुज में जलता मिला व्यापारिक जहाज
युद्ध के बीच सबसे चिंताजनक खबर होर्मुज जलडमरूमध्य से आई है। ब्रिटिश नौसेना से जुड़े UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के अनुसार ओमान तट के पास एक बड़े व्यापारिक जहाज में भीषण आग लग गई। जहाज काफी देर तक धधकता रहा। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग दुर्घटना के कारण लगी या फिर किसी सैन्य हमले का नतीजा है। आधिकारिक तौर पर जहाज की पहचान भी सार्वजनिक नहीं की गई है।
बहरीन में अमेरिकी दूतावास का हाई अलर्ट
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बाद बहरीन की राजधानी मनामा स्थित अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा चेतावनी जारी की है। दूतावास ने कहा कि, खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान मध्य मनामा के कुछ स्थानों को निशाना बना सकता है। बहरीन में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे सतर्क रहें, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी सायरन या धमाके की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
ईरान ने भी किए जवाबी हमलों के दावे
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों में मौजूद अमेरिकी सुविधाओं को निशाना बनाया। ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार-
- जॉर्डन के अकाबा एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैन्य विमानों पर हमला।
- कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर ड्रोन हमला।
- अमेरिकी रडार सिस्टम और विमानन उपकरणों को नुकसान पहुंचाने का दावा।
- सीरिया के अल-तनफ इलाके में दुश्मन के कमांड सेंटर पर हमला।
हालांकि इन दावों की अमेरिका या संबंधित देशों ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अमेरिकी सैनिक की मौत
CENTCOM के अनुसार उत्तरी इराक में एक बिना फटे ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय करने के दौरान विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई जबकि दूसरा घायल हो गया। अमेरिकी सेना के अनुसार मौजूदा संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है।
ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौजूदा सैन्य अभियान का उद्देश्य केवल जवाबी कार्रवाई नहीं बल्कि ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि, हम जो कर रहे हैं उससे ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने की हर संभावना खत्म हो रही है। ट्रंप ने यह भी कहा कि, हाल में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में भी कार्रवाई जारी रखी जा रही है।
ईरान का रुख क्या है?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि युद्ध तब तक नहीं रुकेगा जब तक ईरान को सैन्य रूप से मजबूत स्थिति महसूस नहीं होती। उन्होंने कहा कि बातचीत तभी संभव है जब ईरान को लगे कि परिस्थितियां उसके पक्ष में हैं। जल्दबाजी में किसी समझौते का कोई मतलब नहीं होगा।
पिछले 24 घंटे के बड़े घटनाक्रम
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घटनाक्रम |
स्थिति |
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अमेरिका का लगातार 9वीं रात हमला |
कई सैन्य ठिकाने निशाने पर |
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तबरीज मिसाइल फील्ड में आग |
हमलों के बाद आग लगने की खबर |
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होर्मुज में व्यापारिक जहाज में आग |
जांच जारी |
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बहरीन में सुरक्षा अलर्ट |
अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी जारी की |
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अमेरिकी सैनिक की मौत |
उत्तरी इराक में ड्रोन निष्क्रिय करते समय हादसा |
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ईरान के जवाबी हमलों के दावे |
जॉर्डन, कुवैत और सीरिया में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा |
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बिजली संकट |
ईरान के कई शहरों में कटौती बढ़ी |
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डारखोविन परमाणु परियोजना |
ईरान ने अमेरिकी हमले का आरोप लगाया |
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इराक की नई तेल पाइपलाइन योजना |
होर्मुज पर निर्भरता कम करने की तैयारी |
ईरान में आया भूकंप
युद्ध के बीच सोमवार सुबह पश्चिमी ईरान के केरमानशाह प्रांत में 5.2 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र कुजारान कस्बे के पास जमीन से लगभग 8 किलोमीटर की गहराई में था। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
होर्मुज क्यों है दुनिया के लिए अहम?
- होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है।
- दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
- खाड़ी देशों के ऊर्जा निर्यात का मुख्य मार्ग।
- वैश्विक तेल कीमतों पर सीधा असर।
- किसी भी सैन्य टकराव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होने का खतरा।
इसी वजह से अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दुनिया के अन्य देशों से भी इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में योगदान देने की अपील की है।











