रेलवे ट्रैक पर मिला शव:अखिलेश होने की आशंका; परिजन करेंगे डीएनए टेस्ट की मांग

इंदौर/गंजबासौदा। उर्मिला सैनी हत्याकांड में रविवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के बाद से फरार चल रहे पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी के पति और मुख्य आरोपी अखिलेश सैनी के होने की आशंका वाला शव गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर मिला है। शव के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान अखिलेश सैनी के रूप में होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा पहचान की औपचारिक पुष्टि के बाद ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
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अखिलेश सैनी के होने की आशंका वाले शव की बरामदगी के बाद परिजनों ने उसकी पहचान को लेकर संदेह जताया है। उनका कहना है कि अंतिम पुष्टि डीएनए परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। परिवार ने पुलिस से शव का डीएनए टेस्ट कराने की मांग करने का फैसला लिया है, ताकि किसी भी तरह की आशंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। पुलिस का कहना है कि यदि आवश्यक हुआ और परिजन औपचारिक मांग करते हैं, तो नियमानुसार डीएनए जांच कराई जाएगी। फिलहाल शव की पहचान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रेलवे ट्रैक पर मिला शव क्षत-विक्षत अवस्था में था और उसका सिर धड़ से अलग था। मृतक की पैंट की जेब से अखिलेश सैनी के नाम के दस्तावेज बरामद हुए हैं। सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इंदौर और भोपाल पुलिस के साथ मृतक के परिजन भी गंजबासौदा के लिए रवाना हो गए हैं।
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आठ दिन से फरार था आरोपी
उर्मिला सैनी की हत्या के बाद से अखिलेश सैनी फरार चल रहा था। उसकी तलाश के लिए इंदौर पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में लगातार दबिश दे रही थीं। शनिवार को ही पुलिस ने उस पर घोषित इनाम की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी थी।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन
एक दिन पहले ही उर्मिला सैनी के परिजन, डाक विभाग के कर्मचारी और स्थानीय नागरिक रैली निकालकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान उर्मिला की बेटी प्रेक्षा ने भी पिता की गिरफ्तारी की मांग की थी। हत्या की घटना के बाद से उर्मिला के दोनों बच्चे मानसिक आघात में हैं। परिजनों के अनुसार सात वर्षीय बेटा अव्यक्त अभी भी भय के कारण रात में चौंककर उठ जाता है। परिवार का कहना है कि इस घटना का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा है।
मौत की वजह की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अखिलेश सैनी पिछले आठ दिनों तक कहां रहा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।












