8.5 किलो घटा वजन, '2 दिन में हो सकती है मौत';सोनम वांगचुक को लेकर हाईकोर्ट पहुंची याचिका

नई दिल्ली। लद्दाख के शिक्षाविद् और इंजीनियर सोनम वांगचुक की तबीचत लगातार बिगड़ने का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि वांगचुक पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। जनहित याचिका(PIL) में दावा किया गया है कि इस दौरान उनका करीब 8.5 किलो वजन कम हो चुका है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई है कि यदि उनका अनशन इसी तरह जारी रहा तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल हुई जनहित याचिका
यह जनहित याचिका वकील और सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार सैनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की है। याचिका में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि सोनम वांगचुक को तुरंत अस्पताल ले जाकर जरूरी मेडिकल सुविधा दी जाए और उनकी सेहत की निगरानी की जाए।
'दो दिन में जान जाने का खतरा' का दावा
याचिका में दावा किया गया है कि वांगचुक का वजन 8.5 किलो तक घट चुका है। साथ ही कहा गया है कि अगर उन्होंने जल्द भोजन या चिकित्सकीय सहायता नहीं ली तो अगले दो दिनों में उनकी मौत तक हो सकती है। हालांकि, यह दावा याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों का हिस्सा है, जिस पर अदालत का फैसला आना बाकी है।
लिक्विड डाइट और मेडिकल सपोर्ट देने की मांग
याचिकाकर्ता ने अदालत से अपील की है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि सोनम वांगचुक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाए, उन्हें लिक्विड डाइट (तरल आहार) दी जाए और जरूरत पड़ने पर मेडिकल हस्तक्षेप कर उनकी जान बचाई जाए।
NEET-UG मुद्दे पर चल रहा है प्रदर्शन
सोनम वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन में शामिल हैं। यह विरोध प्रदर्शन NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी आंदोलन के समर्थन में वांगचुक पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।












