
उत्तर प्रदेश। बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल खराब होने के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है। बारिश की वजह से कई जगह गेहूं के दानों की चमक कम हो गई है और दाने सिकुड़ गए हैं। ऐसे में सरकार ने फैसला लिया है कि किसानों का यह गेहूं भी सरकारी खरीद केंद्रों पर एमएसपी पर बिना किसी कटौती के खरीदा जाएगा ताकि उन्हें सही दाम मिल सके।
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बेमौसम बारिश और खराब मौसम से प्रभावित गेहूं की फसल को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब किसानों का ज्यादा से ज्यादा गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीदा जाएगा। साथ ही चमक कम होने और दाने सिकुड़ने के बावजूद गेहूं की सरकारी खरीद बिना किसी कटौती के की जाएगी। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी फसल मौसम की मार से प्रभावित हुई है और जो अपनी उपज को लेकर चिंतित थे।
प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश का असर गेहूं की फसल पर पड़ा है। बारिश की वजह से कई जगह गेहूं के दानों की चमक कम हो गई है और कुछ दाने सिकुड़ भी गए हैं। ऐसे में किसानों को डर था कि सरकारी खरीद केंद्रों पर उनकी फसल स्वीकार नहीं होगी लेकिन अब सरकार ने साफ कर दिया है कि 70 प्रतिशत तक चमक कम वाले गेहूं और 20 प्रतिशत तक टूटे या सिकुड़े गेहूं को भी सरकारी केंद्रों पर बिना किसी मूल्य कटौती के खरीदा जाएगा। इससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम मिलेगा।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसानों का अधिक से अधिक गेहूं MSP पर खरीदा जाए। इसका मकसद यह है कि मौसम की वजह से किसानों को आर्थिक नुकसान कम से कम हो। यह फैसला किसानों के लिए काफी राहत भरा माना जा रहा है क्योंकि खुले बाजार में ऐसी फसल का दाम कम मिल सकता था।
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सरकार ने किसानों की सुविधा को देखते हुए एक और अहम फैसला लिया है। जिन किसानों की रजिस्ट्रेशन की जांच अभी तक पूरा नहीं हो पाई है, उनका गेहूं भी खरीदा जाएगा। नई व्यवस्था के तहत खरीद केंद्र प्रभारी किसानों के राजस्व और चकबंदी रिकॉर्ड का मिलान करके सीधे खरीद कर सकेंगे। इससे किसानों को बार बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और खरीद प्रक्रिया आसान होगी।
प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी खरीद केंद्रों पर 15 जून तक गेहूं की खरीद जारी रहेगी। सरकार ने कहा है कि किसानों की पूरी उपज खरीदने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर भीड़ अधिक होती है तो किसान टोकन ले सकते हैं। टोकन में दी गई तारीख पर किसान अपनी फसल लेकर केंद्र पहुंच सकते हैं। इससे भीड़ कम होगी और खरीद प्रक्रिया व्यवस्थित रहेगी।
गेहूं खरीद की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया है। ये अधिकारी समय समय पर खरीद केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो साथ ही वे खरीद प्रक्रिया की समीक्षा भी करेंगे।
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 18001800150 भी जारी किया है। यदि किसी किसान को खरीद केंद्र पर कोई परेशानी आती है तो वह इस नंबर पर संपर्क कर सकता है।
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