नई दिल्ली। देश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब केंद्रीय राज्यमंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। यह धमकी सीधे उन्हें नहीं बल्कि उनके निजी सहायक को फोन और व्हाट्सऐप के जरिए दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि, धमकी देने वाले व्यक्ति के पास मंत्री के सरकारी दौरे का पूरा टूर प्लान भी मौजूद था।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस भी जांच में शामिल हो गई है। मंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे मामले को हाई-प्रोफाइल सुरक्षा खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक 18 मार्च 2026 को सुबह करीब 11 बजे केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के प्रथम निजी सहायक विश्वेंद्र शाह के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन उठाते ही कॉल करने वाले व्यक्ति ने जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। आरोपी ने यह भी पूछा कि, क्या उसने वे दस्तावेज देखे हैं जो उसने व्हाट्सऐप पर भेजे हैं। इसके बाद उसने कहा कि वह MP5 जैसे हथियार से गोली मार देगा।
धमकी देने के बाद आरोपी ने फोन काट दिया। जब व्हाट्सऐप मैसेज देखा गया तो उसमें केंद्रीय मंत्री के सरकारी टूर प्रोग्राम की कॉपी भेजी गई थी। उस कॉपी पर कथित रूप से ‘इनको गोली मार दो’ लिखा हुआ था।
सिर्फ इतना ही नहीं, आरोपी ने व्हाट्सऐप के जरिए कई वॉइस मैसेज और लोकेशन भी भेजे। इन मैसेज में लगातार मंत्री को जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। जब उस नंबर पर दोबारा फोन करके पूछा गया कि मंत्री का टूर प्लान उसके पास कैसे पहुंचा, तो आरोपी ने जवाब दिया कि यह जानकारी उसे ऊपर से भेजी गई है।
इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया, क्योंकि इससे यह सवाल उठने लगा कि कहीं मंत्री के दौरे से जुड़ी संवेदनशील जानकारी कहीं से लीक तो नहीं हुई।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पश्चिम बंगाल के एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां से लौटने के बाद उनका एक सार्वजनिक कार्यक्रम आगरा में भी प्रस्तावित था। बताया जा रहा है कि, इस पूरे टूर की जानकारी केवल कुछ सीमित लोगों को ही थी। लेकिन बाद में यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर मंत्री का टूर प्रोग्राम बाहर कैसे आया और यह आरोपी तक कैसे पहुंचा।
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प्रारंभिक जांच में पुलिस को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी ‘इस्माइल’ के रूप में सामने आई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार धमकी देने वाला कॉल एक भारतीय नंबर से किया गया था। पुलिस ने उस नंबर की लोकेशन ट्रेस की तो वह मुर्शिदाबाद क्षेत्र से जुड़ी मिली। हालांकि, अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस उसकी सटीक पहचान और नेटवर्क की जांच कर रही है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद दिल्ली के तुगलक रोड थाना में केस दर्ज किया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी। चूंकि आरोपी की लोकेशन पश्चिम बंगाल से जुड़ी बताई जा रही है, इसलिए इस मामले की जानकारी पश्चिम बंगाल पुलिस को भी दी गई। अब दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि, धमकी किसने दी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
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धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर जयंत चौधरी के दिल्ली स्थित आवास की सुरक्षा बढ़ा दी है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से मंत्री के घर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां भी देखी गई थीं। बताया गया कि, कोई अज्ञात व्यक्ति आवास के पिछले गेट की निगरानी कर रहा था और यह देख रहा था कि गेट कब खुलता और बंद होता है और कौन अंदर आता-जाता है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगभग तीन दिन पहले रात 9 बजे से 10 बजे के बीच एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार, जिसके शीशे काले थे, मंत्री के घर के पास काफी देर तक खड़ी रही। बताया गया कि कार में बैठे लोग कोठी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इस घटना ने पुलिस की चिंता और बढ़ा दी है और अब इस कार की पहचान करने की भी कोशिश की जा रही है।
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इस पूरे मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं, जैसे-
इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
जयंत चौधरी को मिली धमकी को सुरक्षा एजेंसियां हल्के में नहीं ले रही हैं। मंत्री के कार्यक्रमों और आवाजाही पर अब विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप मैसेज की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की जाएगी।
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जयंत चौधरी देश की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद भी हैं। वर्तमान में वह भारत सरकार में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। जयंत चौधरी का जन्म 27 दिसंबर 1978 को अमेरिका के डलास में हुआ था। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह के बेटे हैं।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अकाउंटिंग और फाइनेंस में मास्टर्स की पढ़ाई की। राजनीति में उनका प्रवेश 2009 में हुआ जब उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में कदम रखा।