विजय की कुर्सी पर ब्रेक, शपथ टला !बहुमत के दावे से राज्यपाल असंतुष्ट

तमिलनाडु की राजनीति में इस समय सस्पेंस बना हुआ है। अभिनेता से नेता बने विजय का मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का कार्यक्रम फिलहाल टल गया है। गुरुवार यानी 7 मई को शपथ ग्रहण की तैयारी थी, लेकिन बहुमत के समर्थन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण राज्यपाल ने मंजूरी नहीं दी। सूत्रों के मुताबिक, विजय को सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या जुटाने में अभी थोड़ा समय लग सकता है, जिसके चलते शपथ ग्रहण टाल दिया गया है।
बहुमत के दावे से राज्यपाल संतुष्ट नहीं
सूत्रों के अनुसार विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने यह भरोसा भी जताया था कि उनके पास पर्याप्त समर्थन है। हालांकि, राज्यपाल को यह दावा पूरी तरह संतोषजनक नहीं लगा। बताया जा रहा है कि राज्यपाल चाहते हैं कि पहले बहुमत पूरी तरह स्पष्ट हो, उसके बाद ही नई सरकार को शपथ दिलाई जाए।
7 मई को शपथ लेने की थी तैयारी
विजय की ओर से 7 मई को शपथ ग्रहण कराने की खास तैयारी थी। इसके पीछे एक वजह यह भी बताई जा रही है कि गुरुवार को शुभ दिन माना जाता है। विजय ने खुद राज्यपाल से अनुरोध किया था कि इसी दिन उन्हें शपथ दिलाई जाए। इसके लिए उन्होंने औपचारिक रूप से लोक भवन को ईमेल के जरिए सरकार बनाने का दावा भी पेश किया था। लेकिन हालात उनके पक्ष में पूरी तरह नहीं बन पाए, जिससे यह कार्यक्रम टालना पड़ा।
बहुमत के आंकड़े पर अटका मामला
दरअसल, पूरा मामला बहुमत के आंकड़े पर आकर रुक गया है। तमिलनाडु विधानसभा की कुल 234 सीटों में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। विजय की पार्टी टीवीके चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी है, लेकिन उसके पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं। इसके बाद कांग्रेस ने उनका समर्थन किया है, जिसके पास 5 विधायक हैं। इस तरह कुल संख्या 112 तक पहुंचती है, जो बहुमत के आंकड़े से अभी भी 6 कम है। यही कारण है कि सरकार गठन की प्रक्रिया अटक गई है।












