Middle East Crisis:पीएम मोदी की कूटनीतिक पहल तेज, 24 घंटे में 4 देशों के नेताओं से की बात

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल स्तर पर सक्रिय कूटनीति का संकेत देते हुए लगातार कई देशों के शीर्ष नेताओं से बातचीत की।
पीएम मोदी की कूटनीतिक पहल तेज, 24 घंटे में 4 देशों के नेताओं से की बात
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल स्तर पर सक्रिय कूटनीति का संदेश देते हुए लगातार कई देशों के शीर्ष नेताओं से बातचीत की। बुधवार और गुरुवार के बीच उन्होंने कुवैत, ओमान, फ्रांस और मलेशिया के नेताओं से संपर्क कर क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और शांति बहाली के प्रयासों पर जोर दिया।

    चार देशों के नेताओं से बातचीत, शांति पर फोकस

    प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से अलग-अलग बातचीत की।

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     नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बनी कि मौजूदा हालात में किसी भी तरह का सैन्य टकराव स्थिति को और गंभीर बना सकता है इसलिए शांतिपूर्ण समाधान जरूरी है।

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    इन सभी चर्चाओं में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई गई और इसे कम करने के लिए संवाद और कूटनीति को ही सबसे प्रभावी रास्ता बताया गया।

    ओमान के साथ रणनीतिक चर्चा

    ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें ‘भाई’ कहकर संबोधित किया और ईद की शुभकामनाएं दी।

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    इस चर्चा में क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की गई। साथ ही संकट के दौरान लोगों, खासकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान की भूमिका की सराहना की गई।

    कुवैत से भी की अहम बातचीत

    इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से भी फोन पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दी और पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति पर आपसी की गई। पीएम मोदी ने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

    हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर भी चर्चा

    इन सभी से बातचीत के दौरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवागमन को लेकर भी चिंता जताई गई। यह क्षेत्र भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का अहम मार्ग है, इसलिए इसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

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    भारत का साफ संदेश

    लगातार हुई इन कूटनीतिक बातचीत के जरिए भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद आधारित समाधान का समर्थन करता है। 

    Dr. Sumit  Shrivastava
    By Dr. Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

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