UP ATS:यूपी एटीएस का बड़ा एक्शन, आईएसआई से जुड़े दो संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

दोनों आरोपियों को अलग-अलग जिलों से पकड़ा गया। इनके पास से हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। आईएसआई और विदेशी नेटवर्क से जुड़ने के संकेत मिले है, वहीं एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे आरोपी
उत्तर प्रदेश एटीएस ने जल्द कार्रवाई करते हुए गोरखपुर और बाराबंकी से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कृष्णा मिश्रा और दानियाल अशरफ के रूप में हुई है। दोनों पर राज्य में बड़ा हमले करने की योजना बनाने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर की गई।
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हथियार बरामद, हमले की तैयारी के संकेत
एटीएस ने आरोपियों के पास से पिस्टल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों किसी बड़े हमले की तैयारी में थे। डिजिटल डिवाइस से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामग्री से साजिश की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह भी देखा जा रहा है कि हथियार कहां से उपलब्ध कराए गए। यूपी एटीएस गहनता से जांच कर रही है।
आईएसआई से जुड़े तार बताए जा रहे
प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों के तार आईएसआई और पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि, इनका संपर्क गैंगस्टर शहजाद भट्टी से भी था। आरोपी सोशल मीडिया से लड़कों को जोड़ रहे थे। फिलहाल एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। इसके साथ ही एजेंसियां अब इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की परतें खोलने में जुटी हैं।
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संवेदनशील ठिकाने थे निशाने पर
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों को महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने का टास्क दिया गया था। यह साजिश बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाने की थी। सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते इसे नाकाम कर दिया। अब संभावित टारगेट्स की भी जांच की जा रही है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगाल रही
हाल ही में जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों को भी इसी नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। खुफिया एजेंसियों को शक है कि इसके पीछे खालिस्तानी संगठनों का हाथ हो सकता है। बताया जा रहा है कि इन संगठनों को पाकिस्तान से समर्थन मिल रहा है। जांच एजेंसियां इन सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।












