चौबीसो घंटे वर्दी पहनकर रहते हैं तैयार, अफसरों की सुरक्षा में भी देते हैं ड्यूटी, फिर भी भत्ते बंद

पुलिसकर्मी जिले में जाएं तो उन्हें भत्ता मिलेगा, लेकिन होमगार्ड सैनिकों को नहीं मिलता
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चौबीसो घंटे वर्दी पहनकर रहते हैं तैयार, अफसरों की सुरक्षा में भी देते हैं ड्यूटी, फिर भी भत्ते बंद

पुष्पेन्द्र सिंह

भोपाल। सागर होमगार्ड से सेवामुक्त प्लाटून कमांडर रमेश अवस्थी ने विभाग से यात्रा और भोजन भत्ता मांगा है। उन्हें आवेदन को दिए कई साल हो गए लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा। वे कहते हैं कि जब पुलिस के जवानों को एक जिले से दूसरे जिले में ड्यूटी पर जाने से यात्रा भत्ता मिलता है तो हम भी वर्दी पहनकर तैयार रहते हैं, अफसरों की सुरक्षा में लगे रहते हैं। हमें क्यों नहीं मिलता। प्रदेश में 8 हजार से अधिक होमगार्ड जवान हैं। सैनिक के आवेदन पर कमांडेंट ने लिखा: सेवामुक्त सैनिक रमेश अवस्थी के आवेदन पर डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेण्ट होमगार्ड सागर एसके शर्मा ने 5 सितंबर 2023 को जबलपुर कार्यालय को लिखा-आवेदक ने संचित, अनुकंपा और आपदा प्रबंधन संबंधी भुगतान न होने की जानकारी चाही गई है। इनके प्रकरण संबंधी अभिलेख एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करें, ताकि भुगतान किया जा सके।

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ऐसे होते गए भत्ते बंद

दैनिक भत्ता -थाना तैनाती कार्यस्थल से जिले के अंदर ड्यूटी करने जाना पड़ता है, पुलिस के समान प्रतिदिन 8 किमी की दूरी की यात्रा करने पर दैनिक भत्ता (12 घंटे होने पर) 85 रुपए मिलते हैं, जो बंद कर दिया गया।

अतिरिक्त वेतन- आरक्षक के समान होमगार्ड को एक माह का अतिरिक्त वेतन भुगतान करने के आदेश हैं। पहले 360 रुपए मिलते थे। उसे अब बंद कर दिया गया है, जबकि गृह विभाग का आदेश है कि पुनरीक्षित आधार पर दिया जाए। यह राशि 30,250 रुपए होती है।

भोजन भत्ता -सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 4 मई 2016 और गृह विभाग के आदेश जुलाई 2017 के अनुसार भोजन भत्ता दिया गया जो वर्ष 2018 से बंद कर दिया गया।

होमगार्ड सैनिकों से कराए जाते हैं ये काम

-असामाजिक तत्वों से जानमाल की सुरक्षा करना।

-यातायात एवं जनसभाओं में तैनात रहना।

-जेल से कैदियों को अदालत तक लाना-ले जाना।

-पुलिस को यातायात प्रबंधन में सहायता करना।

-गश्त तथा रात्रि गश्त करना।

-भीड़ नियंत्रण में पुलिस की सहायता करना।

-अफवाहों, भगदड़ को कम करना।

-आपात स्थिति जैसे अग्नि, हवाई हमला, बाढ़, महामारी, प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं में बचाव कार्य।

-राज्य सरकार द्वारा निर्देशित कोई भी अन्य कर्तव्य तथा दायित्वों का निर्वहन

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शासन के आदेश पर मिल रहे थे भत्ते, अब बंद क्यों

राज्य शासन के नियम और आदेश के अनुसार हम होमगार्ड सैनिकों को यात्रा, भोजन और अनुकंपा भत्ता सालों तक मिलते रहे लेकिन, यही भत्ता अब अलग-अलग सालों में बंद कर दिए गए हैं। भत्ते बंद करने का स्पष्ट कारण विभाग नहीं बता रहा है। जबकि इसके लिए कई बार अफसरों के संज्ञान में लाया गया। 

जगन्नाथ गौतम, होमगार्ड सैनिक

स्पेशल ड्यूटी पर मिलता है यात्रा और भोजन भत्ता

होमगार्ड्स को भोजन भत्ता के साथ ही स्पेशल ड्यूटी या प्रदेश के बाहर ड्यूटी करने पर यात्रा भत्ता भी मिलता है। इसी तरह एसडीआरएफ में तैनात जवानों को जनरल ड्यूटी करने वालों के 30 हजार रुपए मासिक के मुकाबले डेढ़ गुना वेतन 45 हजार रुपए मासिक मिलता है।

मनीष अग्रवाल, डीआईजी, होमगार्ड्स

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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