Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

उज्जैन में सिंहस्थ के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज, किसानों ने श्मशान में किया प्रदर्शन, जल सत्याग्रह रोकने पुलिस ने की सख्ती

Follow on Google News
उज्जैन में सिंहस्थ के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज, किसानों ने श्मशान में किया प्रदर्शन, जल सत्याग्रह रोकने पुलिस ने की सख्ती
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व के लिए उज्जैन में स्थायी कुंभ नगरी बसाने की योजना को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। प्रशासन द्वारा 2,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसका क्षेत्र के किसान लगातार विरोध कर रहे हैं। रविवार को किसानों ने जल सत्याग्रह का ऐलान किया था, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने शहर के सभी प्रमुख घाटों को बंद कर दिया।

    इसके बावजूद किसान पुलिस को चकमा देकर चक्रतीर्थ श्मशान घाट पहुंचे और पानी में खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर किसानों के एक समूह ने आगर रोड स्थित अनाज मंडी के सामने चक्काजाम कर दिया, जिससे ट्रैफिक घंटों बाधित रहा।

    पुरानी योजना के तहत हो अधिग्रहण

    प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि वे सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के महत्व को समझते हैं, लेकिन स्थायी रूप से जमीन देने को तैयार नहीं हैं। किसानों का तर्क है कि वे सीमित कृषि भूमि पर निर्भर हैं, और नए भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव से उनका जीवन और आजीविका बुरी तरह प्रभावित होगी।

    किसानों की मांग है कि सरकार पुरानी योजना के अनुसार ही अधिग्रहण करे, जिससे उनका जीवन यापन प्रभावित न हो। प्रदर्शन में शामिल सभी किसान उन्हीं गांवों से हैं, जिनकी जमीन सिंहस्थ की स्थायी नगरी परियोजना के तहत अधिग्रहित की जा रही है।

    पुलिस ने किसानों को रोका

    जल सत्याग्रह के ऐलान को देखते हुए प्रशासन ने रामघाट समेत सभी घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी थी, जिससे न केवल किसान, बल्कि आम श्रद्धालु भी घाटों तक नहीं पहुंच सके। इस सख्ती के विरोध में किसानों ने दो हिस्सों में बंटकर अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया।

    एक दल ने चकमा देकर बड़नगर पुल पार कर चक्रतीर्थ घाट पर जल सत्याग्रह किया, जिसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। दूसरा दल अनाज मंडी चौराहे पर पहुंचा और रास्ता जाम कर दिया।

    रात में किसानों को उठाया

    प्रशासन ने प्रदर्शन रोकने के लिए शनिवार देर रात कई किसान नेताओं को उनके घरों से उठाकर हिरासत में ले लिया। इससे किसानों में नाराजगी और बढ़ गई। चक्काजाम के दौरान किसानों ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि बुजुर्ग किसानों को छोड़ दिया जाए, तभी प्रदर्शन समाप्त होगा। काफी समझाइश और बातचीत के बाद किसानों ने चक्काजाम हटाया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

    ये भी पढ़ें: ‘वोट अधिकार यात्रा’ शुरू: राहुल गांधी बोले- यह संविधान बचाने की लड़ाई, तेजस्वी ने कहा- वोट चोरी नहीं, डाका डाला जा रहा; विपक्ष एकजुट

    Vaishnavi Mavar
    By Vaishnavi Mavar

    Latest Posts