तहसीलदार का कंप्यूटर आपरेटर रिश्वत लेते गिरफ्तार: रीवा में ईओडब्ल्यू की टीम ने रंगे हाथों घूस के साथ कंप्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा

रीवा। एक किसान से उसकी बेटी के वर्ष 2024 से लंबित चले आ रहे ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए रीवा जिले की गुढ़ तहसीलदार का कंप्यूटर आपरेटर टाल-मटोल करता आ रहा था। इस पर किसान ने मिन्नतें की तो आपरेटर ने सत्यापन करवाकर देने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इस पर सोमवार को तहसील कार्यालय में ही रिश्वत लेते हुए ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध विंग) की रीवा टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इस बारे में ईओडब्ल्यू रीवा पुलिस अधीक्षक अरविंद ठाकुर ने बताया कि शिकायतकर्ता किसान बृजेंद्र मणि त्रिपाठी निवासी ग्राम नर्रहा, तहसील गुढ़ जिला रीवा ने हाजिर होकर बताया कि उसकी बेटी का ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए तहसील में लंबित है। यह प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए बालाघाट से 2024 में ही तहसील गुढ़ आ चुका है, लेकिन सत्यापन करने के बजाय टाल-मटोल की जा रही है। सत्यापन के बदले में कंप्यूटर आपरेटर भगवानदीन चौरसिया 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। बिना रिश्वत दिए सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इस पर शिकायत का सत्यापन किया गया, जोकि सही पाई गई।
ईओडब्ल्यू की टीम ने तहसील कार्यालय में घेराबंदी की
किसान की शिकायत सही पाए जाने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने रिश्वतखोर आपरेटर को पकड़ने की तैयारी की। इसी बीच कंप्यूटर आपरेटर ने रिश्वत देने के लिए तहसील कार्यालय में बुलाया, जिसकी खबर मिलते ही ईओडब्ल्यू की टीम ने किसान को रिश्वत के 10 हजार रुपए लेकर भेजे। यह राशि जैसे ही किसान से आपरेटर भगवानदीन चौरसिया ने ली, वैसे ही ईओडब्ल्यू की टीम ने पकड़ लिया।
ट्रैप टीम ने सत्यापन वाली फाइल भी जानकारी तलब की
ईओडब्ल्यू की टीम ने रिश्वत लेते आपरेटर को पकड़ने के बाद संबंधित सत्यापन वाली फाइल के बारे में भी जानकारी तहसीलदार से मांगी है। ईओडब्ल्यू की टीम में निरीक्षक श्रीमती प्रियंका पाठक, निरीक्षक हरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक श्रीमती गरिमा त्रिपाठी, श्रीमती भावना सिंह, श्रीमती रुचिका सूर्यवंशी, संतोष पांडेय, प्रधान आरक्षक पुष्पेंद्र पटेल, सत्यनारायण मिश्रा, घनश्याम त्रिपाठी, आरक्षक अजय पांडेय, अमित कुमार दुबे, आरक्षक चालक संतोष मिश्रा थे।
सत्यापन अटकाने वाले सभी संबंधितों की जांच होगी
ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र सत्यापन से जुडेÞ सभी कर्मचारियों अधिकारियों की जांच होगी। इसमें दोषी पाए जाने वालों को भी आरोपी बनाया जाएगा।
अरविंद सिंह ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, ईओडब्ल्यू रीवा












