Peoples Update Special :दिव्यांगजनों के लिए अब अलग राज्य निधि, अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता को मिलेंगे 10 लाख रुपए

लेखक, संतोष चौधरी, भोपाल। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने प्रदेश के दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास, पुनर्वास और उनकी प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दिव्यांगों के लिए पहली बार अलग से ‘राज्य निधि’ बनाई गई है। इसके तहत दिव्यांगजनों की प्रतिभा, नवाचार, खेल, कला और संस्कृति को वैश्विक पटल पर लाने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर आर्थिक मदद देगी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल लाने पर दिव्यांग खिलाड़ी को 10 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
विभागीय जानकारी के अनुसार, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत निर्मित राज्य निधि के संचालन के लिए गाइडलाइंस तैयार की गई है। सरकार ने इसका बजट 32 करोड़ रुपए तय किया है। बाद में इस राशि को और बढ़ाया जाएगा।
इन्हें दी जाएगी राज्य निधि
- प्रदर्शनी और कार्यशालाएं: कला, कौशल उन्नयन, सेमिनार और स्पेशल खेल सहित राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं के लिए प्रतिवर्ष मान्यता प्राप्त अशासकीय संस्थाओं को मेरिट के आधार पर अधिकतम 5 लाख तक की सहायता।
- खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं: राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों, कोच और सहयोगियों के यात्रा, बोर्डिंग और आकस्मिक व्यय के लिए क्रमश: एक लाख, 2 लाख और 5 लाख तक की वास्तविक या अधिकतम राशि।
- पदक विजेताओं के लिए प्रोत्साहन राशि: राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर क्रमश: 3 लाख, 2 लाख और एक लाख मिलेंगे। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को क्रमश: 10 लाख, 7 लाख और 5 लाख की भारी-भरकम राशि देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
गंभीर दिव्यांगता और शोध के लिए विशेष प्रावधान
सरकार ने आर्थिक रूप से अक्षम दिव्यांग व्यक्तियों (जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 8 लाख से अधिक न हो) के लिए विशेष उच्च सहायता आवश्यकताओं जैसे कि कॉक्लियर इम्प्लांट के बाद रखरखाव व उपकरणों की मरम्मत के लिए प्रति हितग्राही 10 लाख तक का प्रावधान। इसके अलावा, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोध-पत्र प्रस्तुति के लिए प्रतिवर्ष एक शोधार्थी को अधिकतम 5 लाख की वित्तीय मदद दी जाएगी।











