वायरल गर्ल और फरमान को हाई कोर्ट से राहत: अगली सुनवाई तक नहीं होगी कोई कार्रवाई

इंदौर हाई कोर्ट ने FIR पर लगाई अंतरिम रोक जैसी राहत, जन्म प्रमाण पत्र रद्द करने और अंतरधार्मिक विवाह को लेकर 27 जुलाई वाले सप्ताह में होगी अगली सुनवाई
 अगली सुनवाई तक नहीं होगी कोई कार्रवाई
वायरल गर्ल और फरमान

इंदौर। प्रयागराज महाकुंभ-2025 के दौरान चर्चा में आई वायरल गर्ल  और उनके पति फरमान खान को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि खरगोन जिले के महेश्वर थाने में दर्ज आपराधिक मामले में अगली सुनवाई तक दंपती के खिलाफ कोई कठोर या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

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जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में तय की है। फरमान खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा और अधिवक्ता जेरी लोपेज ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी और शासकीय अधिवक्ता सुनीत कपूर ने दलीलें पेश कीं।

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जन्म प्रमाण पत्र रद्द करने को दी चुनौती

दंपती ने महेश्वर नगर परिषद द्वारा वायरल गर्ल  का जन्म प्रमाण पत्र रद्द किए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि अंतरधार्मिक विवाह के बाद बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए जन्म प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया, जिसके आधार पर फरमान खान के खिलाफ महेश्वर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

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इन धाराओं में दर्ज है मामला

फरमान खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) (अपहरण), 81 (धोखे से विवाह या विवाह का झांसा देकर संबंध बनाना), 83 (नाबालिग लड़की को बहलाना-फुसलाना) और 87 (अपहरण), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले पोक्सो मामलों की विशेष अदालत उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।

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रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का आरोप

याचिका में दंपती ने आरोप लगाया है कि विवाह के समय महिला को नाबालिग साबित करने के लिए उसके जन्म रिकॉर्ड में साजिशन छेड़छाड़ की गई। उनका दावा है कि मोनालिसा की वास्तविक जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है, जो नगर परिषद द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है।

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याचिका के अनुसार, दोनों ने 11 मार्च को केरल के एक मंदिर में विवाह किया था। शादी के बाद परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया और बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए जन्म प्रमाण पत्र रद्द करा दिया। बदले गए रिकॉर्ड के आधार पर फरमान खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। दंपती का आरोप है कि उनकी अंतरधार्मिक शादी को "लव जिहाद" से जोड़कर सांप्रदायिक रंग दिया गया, जिससे उनकी सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हो गया।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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