Twisha Sharma Case: सुप्रीम कोर्ट में CBI ने खोले कई राज! मौत के अगले दिन सास ने जुटाए CCTV फुटेज, गवाहों को प्रभावित करने की आशंका?

मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस केस की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने काउंटर एफिडेविट में कई अहम जानकारियां साझा की हैं। CBI के मुताबिक, ट्विशा की मौत के अगले ही दिन उनकी आरोपी सास गिरिबाला सिंह ने CCTV फुटेज हासिल करने की कोशिश की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने उस ब्यूटी पार्लर के फुटेज भी जुटाए थे, जहां घटना से एक दिन पहले ट्विशा गई थीं। CBI ने अदालत को बताया है कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह प्रभावशाली हैं। ऐसे में भोपाल में चल रहे ट्रायल को प्रभावित करने और गवाहों को डराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर एजेंसी ने मामले की सुनवाई और गवाहों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर चिंता जताई है।
13 मई को CCTV फुटेज जुटाने में जुट गई थीं आरोपी सास
CBI के 29 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल काउंटर एफिडेविट के मुताबिक, ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई 2026 को हुई थी। इसके अगले ही दिन यानी 13 मई को आरोपी सास गिरिबाला सिंह ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज हासिल करने की कोशिश की थी। जांच एजेंसी ने अपने जवाब में बताया कि गिरिबाला सिंह ने CCTV तकनीशियन को फोन किया था। इस दौरान उन्होंने घटना के समय के फुटेज की कॉपी हासिल की। CBI के मुताबिक, इसी दिन उन्होंने एक्सप्रेशन ब्यूटी पार्लर की संचालिका से भी संपर्क किया था। उन्होंने ट्विशा के 12 मई को पार्लर आने और वहां से जाने से जुड़ी जानकारी मांगी थी।
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ट्विशा शर्मा केस में 17 अगस्त को दाखिल हुई थी चार्जशीट
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में CBI ने 17 अगस्त 2026 को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। CBI ने चार्जशीट दाखिल करने के बाद भी दहेज मृत्यु और मामले के दूसरे पहलुओं पर जांच जारी रखी है। फिलहाल भोपाल की अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है। इसका मतलब है कि अदालत के सामने यह तय होना है कि आरोपियों के खिलाफ किन आरोपों पर मुकदमा चलाया जाएगा।
पिता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यों लगाई याचिका?
ट्विशा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने भोपाल में चल रहे सेशन ट्रायल को दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनकी याचिका पर CBI ने 29 अक्टूबर को अपना काउंटर एफिडेविट दाखिल किया। इसमें जांच एजेंसी ने आरोपियों के प्रभाव और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका का जिक्र किया है। मामले में ट्रायल का स्थान बदलने की मांग के पीछे सबसे अहम सवाल निष्पक्ष सुनवाई का है।
12 मई की रात ससुराल में मृत मिली थीं ट्विशा शर्मा
मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। उनकी मौत के बाद ससुराल पक्ष और मायके पक्ष के बीच घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि ट्विशा के मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया था। मामले की शुरुआती जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठे थे। ट्विशा के परिवार ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया और रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे।
दिल्ली AIIMS में हुआ था ट्विशा का दूसरा पोस्टमॉर्टम
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड ने 24 मई 2026 को ट्विशा शर्मा का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था। इस कदम को मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि परिवार की ओर से पहले पोस्टमॉर्टम को लेकर सवाल उठाए गए थे। दूसरे पोस्टमॉर्टम के बाद जांच एजेंसियों ने मामले के अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल जारी रखी। इसमें ट्विशा की मौत की परिस्थितियों, परिवार के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों को शामिल किया गया।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
ट्विशा शर्मा की मौत का मामला कई महीनों से जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौर से गुजर रहा है। CBI चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और भोपाल की अदालत में ट्रायल से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।



















