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दमोह को मिला 22 करोड़ का नया जिला न्यायालय भवन, 14 कोर्ट रूम और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी अदालत

दमोह में 22 करोड़ की लागत से बने नए जिला न्यायालय भवन का जस्टिस विशाल धगट ने लोकार्पण किया। 14 कोर्ट रूम, CCTV, वर्चुअल सुनवाई और आधुनिक IT सुविधाओं से लैस इस भवन में अब अदालतें शिफ्ट होंगी। वहीं, 146 साल पुरानी इमारत को संरक्षित किया जाएगा।
दमोह को मिला 22 करोड़ का नया जिला न्यायालय भवन, 14 कोर्ट रूम और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी अदालत

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में न्यायिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रविवार को जिले के नए जिला न्यायालय भवन का लोकार्पण किया गया। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट ने शाम को फीता काटकर 22 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस आधुनिक भवन की शुरुआत की। नई इमारत में 14 कोर्ट रूम बनाए गए हैं। इसके अलावा CCTV कैमरे, वर्चुअल सुनवाई और आधुनिक IT सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। नए भवन के शुरू होने से न्यायिक कामकाज को आसान बनाने के साथ अदालत परिसर में भीड़ कम होने की उम्मीद है।

22 करोड़ की लागत से बना आधुनिक कोर्ट भवन

नए जिला न्यायालय भवन का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। इसे तीन ब्लॉक यानी A, B और C में बांटा गया है। यहां 14 न्यायिक अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

भवन की प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं-

  • 14 आधुनिक कोर्ट रूम।

  • CCTV कैमरों से सुरक्षा व्यवस्था।

  • वर्चुअल सुनवाई की सुविधा।

  • आधुनिक IT सुविधाएं।

  • न्यायिक अधिकारियों के लिए अलग व्यवस्था।

लोकार्पण समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और एसपी आनंद कलादगी समेत कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। पूजन-अर्चन के बाद भवन का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

हाईकोर्ट की तरह जिला न्यायालय को पेपरलेस बनाने पर जोर

लोकार्पण कार्यक्रम में जस्टिस विशाल धगट ने अधिवक्ताओं से न्यायिक कामकाज में तकनीक का अधिक इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नए भवन में आधुनिक IT सुविधाएं और बड़े कोर्ट रूम बनाए गए हैं। उनका प्रयास है कि जिला न्यायालय में भी हाईकोर्ट की तरह पूरी तरह पेपरलेस व्यवस्था लागू हो। उन्होंने कहा कि केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका सही इस्तेमाल करना भी जरूरी है। न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं को तकनीक के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाना चाहिए।

146 साल पुरानी अदालत की इमारत को मिलेगा नया जीवन

नया भवन शुरू होने के बाद दमोह की अदालतें करीब 146 साल पुरानी न्यायालयीन इमारत से यहां शिफ्ट की जाएंगी। जस्टिस धगट ने पुरानी इमारत को ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए उसके संरक्षण और विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुरानी इमारत का ऐतिहासिक महत्व है, इसलिए उसे सुरक्षित रखना जरूरी है।

आम लोगों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

नए जिला न्यायालय भवन के शुरू होने से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। आधुनिक तकनीक से सुनवाई और न्यायिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा इस मौके पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मुकेश पांडे सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और अधिकारी उपस्थित रहे।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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