होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब सिर्फ क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि ग्लोबल टेंशन का विषय बन गया है। ऊर्जा सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप की इस धमकी के बाद ईरान की ओर से भी कड़ा जवाब आया है। ईरानी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि धमकियों से ईरान झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा और हर चुनौती का जवाब मजबूती से दिया जाएगा। इसी के साथ ईरान का कहना है कि होर्मुज का रास्ता सभी के लिए खुला है, लेकिन जो देश उसकी सीमाओं और सुरक्षा को चुनौती देंगे, उनके लिए सख्ती बरती जाएगी।
तनाव बढ़ने के बीच ईरान के अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सोशल मीडिया के जरिए नागरिकों से कहा गया है कि जरूरी सामान, खासकर पानी का स्टॉक रखें और फोन चार्ज रखें। ईरान के वरिष्ठ नेताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो पूरे क्षेत्र में बड़े स्तर पर बिजली संकट पैदा हो सकता है। इससे खाड़ी देशों पर भी असर पड़ सकता है।
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बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से करीब 20 फीसदी तेल और गैस की सप्लाई होती है। तनाव बढ़ने के बाद इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ा दिया गया है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर असर दिखने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़े, तो इसका असर कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।