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जबलपुर:न्यायिक कर्मियों के वेतनमान मामले पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को किया तलब

मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन गुरुवार को एमपी हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाजिर हुए। उच्च न्यायालय के कर्मचारियों के वेतनमान देने के मामले पर उन्होंने स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी निर्णय वे अकेले नहीं ले सकते। मामले में अब अगली सुनवाई 24 जून को निर्धारित की गई है।
न्यायिक कर्मियों के वेतनमान मामले पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को किया तलब

जबलपुर। मुख्य सचिव ने वेतनमान को लेकर निर्णय प्रक्रिया आधारित बताया। हाईकोर्ट ने पूर्व आदेश के पालन के लिए एक और अवसर दिया। कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से वेतनमान की मांग की जा रही है। मामले में अवमानना याचिका भी लंबित है और सुनवाई जारी है।

मुख्य सचिव ने रखा पक्ष

राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन गुरुवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाईकोर्ट में हाजिर हुए। उच्च न्यायालय के कर्मचारियों के वेतनमान देने के मामले पर उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस मुद्दे को लेकर कोई भी निर्णय वे अकेले नहीं ले सकते। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में विधिवत प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। बिना प्रक्रिया के किसी प्रकार का निर्णय लेना संभव नहीं है। उनके इस बयान को कोर्ट ने गंभीरता से लिया। मामले को आगे की सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया।

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हाईकोर्ट ने दी एक और मोहलत

मुख्य सचिव के इस बयान पर गौर करके जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने उन्हें पूर्व में दिए आदेश का पालन करने एक और मोहलत दी है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि आदेश का पालन किया जाना आवश्यक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट पहले भी सख्त रुख अपना चुका है। अब एक और अवसर देते हुए समय दिया गया है। अगली सुनवाई 24 जून को होगी।

2016 से चल रहा है मामला

गौरतलब है कि हाईकोर्ट के कर्मचारी किशन पिल्लई और 108 अन्य लोगों ने वर्ष 2016 में एक याचिका दायर कर उच्च वेतनमान का लाभ न दिए जाने को चुनौती दी थी। इस याचिका में कर्मचारियों ने अपने अधिकारों को लेकर सवाल उठाए थे। मामला लंबे समय से लंबित है और सुनवाई जारी है। कर्मचारी लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कई बार कोर्ट में सुनवाई हो चुकी है। फिर भी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।

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2017 के आदेश के पालन पर विवाद

हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल 2017 को अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि राज्य सरकार के पास यह मामला 27 जून 2015 से लंबित है, इसलिए हाईकोर्ट के कर्मचारियों के वेतनमान से जुड़े इस मुद्दे का चार सप्ताह में निराकरण किया जाए। इस आदेश का पालन न होने पर यह अवमानना याचिका वर्ष 2018 में दायर हुई थी। बीते 26 मार्च को हाईकोर्ट ने आदेश का अब तक पालन न होने को गंभीरता से लिया। इसके बाद राज्य के मुख्य सचिव को हाजिर होने कहा गया था। गुरुवार को हुई सुनवाई इसी क्रम में हुई। अब मामले की अगली सुनवाई 24 जून को तय की गई है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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