श्रीलंका में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने एक बार फिर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है। मिडिल ईस्ट के हालात का असर अब छोटे देशों की अर्थव्यवस्था पर साफ दिख रहा है, जिससे आम जनता को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
नई दरों के अनुसार श्रीलंका में डीजल की कीमतें 303 रुपये से बढ़कर 382 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं सुपर डीजल 353 से बढ़कर 443 रुपये तक पहुंच गया है। पेट्रोल 92 ऑक्टेन की कीमत 317 से बढ़कर 398 रुपये और 95 ऑक्टेन 365 से बढ़कर 455 रुपये प्रति लीटर हो गई है। केरोसिन के दाम में भी 30 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद ईंधन के दाम एक बार फिर 2022 के आर्थिक संकट जैसे स्तर के करीब पहुंच गए हैं।
ईंधन महंगा होने का असर अब सार्वजनिक परिवहन पर भी दिखने लगा है। निजी बस ऑपरेटरों ने साफ कहा है कि अगर किराया नहीं बढ़ाया गया तो 90 फीसदी बसें बंद हो सकती हैं। उन्होंने कम से कम 15 फीसदी किराया बढ़ाने की मांग की है और ऐसा नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है।
ये भी पढ़ें: Power Cut Alert! भोपाल के 60 इलाकों में आज बिजली कटौती, 1 से 6 घंटे तक रहेगी सप्लाई बंद
सरकार का कहना है कि वह अभी भी पेट्रोल-डीजल पर सब्सिडी दे रही है और लोगों से ईंधन का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील की है। दूसरी ओर विपक्ष ने इस बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स को कम या खत्म किया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।