मेरठ हत्याकांड के दोषी साहिल शुक्ला को बनना है फैशन मॉडल, जेल में बना रहा जॉन अब्राहम जैसी मस्कुलर बॉडी

मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड का दोषी साहिल शुक्ला एक बार फिर चर्चा में है। सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाने वाला साहिल अब जेल में अपनी फिटनेस और बदले हुए लुक पर ध्यान दे रहा है। उसका सपना फैशन मॉडल बनने का है। इसके लिए वह मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल में सुबह-शाम एक्सरसाइज कर रहा है। बताया जा रहा है कि वह बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम और विद्युत जामवाल जैसी मस्कुलर बॉडी बनाना चाहता है। इतना ही नहीं, इसके लिए उसने जेल प्रशासन से एक्सरसाइज ट्रेनर उपलब्ध कराने की मांग भी की है। हत्या जैसे संगीन अपराध में दोषी ठहराए जाने के बाद उसका मॉडल बनने का सपना चर्चा का विषय बन गया है।
जेल में सुबह-शाम जिम कर रहा साहिल शुक्ला
साहिल शुक्ला इन दिनों जेल में अपनी फिटनेस को लेकर काफी सक्रिय है। वह जेल परिसर में बने जिम्नेजियम में सुबह और शाम दोनों समय कसरत कर रहा है। उसका फोकस वजन बढ़ाने और मसल्स को बेहतर आकार देने पर है। बताया जा रहा है कि साहिल अपनी बॉडी को मस्कुलर बनाना चाहता है। इसके लिए वह नियमित रूप से एक्सरसाइज कर रहा है। उसकी कोशिश है कि बाइसेप्स और शरीर की मांसपेशियां मजबूत और उभरी हुई दिखें। साहिल का मानना है कि बेहतर बॉडी और फिटनेस के जरिए वह अपने मॉडलिंग के सपने को पूरा कर सकता है। इसी वजह से उसने जेल प्रशासन से एक एक्सरसाइज ट्रेनर की सुविधा देने की मांग की है, ताकि वह सही तरीके से वर्कआउट कर सके।
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जॉन अब्राहम-विद्युत जामवाल जैसी बॉडी बनाने का सपना
साहिल शुक्ला का फिटनेस लक्ष्य बॉलीवुड के दो चर्चित अभिनेताओं से जुड़ा है। वह जॉन अब्राहम और विद्युत जामवाल जैसी मस्कुलर बॉडी बनाना चाहता है। दोनों अभिनेता अपनी फिटनेस और मजबूत शारीरिक बनावट के लिए जाने जाते हैं। साहिल भी इसी तरह की बॉडी बनाने की कोशिश में जुटा है। जेल में उपलब्ध एक्सरसाइज मशीनों का इस्तेमाल करके वह अपनी फिटनेस पर काम कर रहा है। हालांकि, जेल में वर्कआउट करने और फैशन मॉडल बनने की उसकी इच्छा के बीच बड़ा अंतर है। फिलहाल उसका ध्यान जेल में रहते हुए अपनी शारीरिक बनावट बदलने पर है।
स्पाइक कट में नजर आ रहा साहिल
साहिल सिर्फ अपनी बॉडी ही नहीं, बल्कि अपने लुक को लेकर भी बदलाव कर रहा है। बताया जा रहा है कि उसने अपनी पुरानी हेयर स्टाइल छोड़कर अब स्पाइक कट अपना लिया है। पहले वह हेयर बन स्टाइल रखता था, लेकिन अब वह अपने बालों को नए अंदाज में रख रहा है। उसकी कोशिश अपने लुक को फैशन मॉडल जैसा बनाने की है। जेल में रहते हुए फिटनेस और हेयर स्टाइल पर उसका ध्यान लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, उसकी ये गतिविधियां जेल परिसर में उपलब्ध सामान्य सुविधाओं के दायरे में हैं।
क्या है मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड?
साहिल शुक्ला का नाम मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड से जुड़ा है। इस मामले में उसने अपनी प्रेमिका मुस्कान रस्तोगी के साथ मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की थी। इस जघन्य वारदात ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले के सामने आने के बाद पुलिस जांच में हत्या की बर्बरता से जुड़ी कई बातें सामने आई थीं। सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में छिपाया गया था। इसी वजह से इस मामले को नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से जाना जाने लगा। इस वारदात के बाद साहिल और मुस्कान की गिरफ्तारी हुई थी। मामले में अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस हत्याकांड की भयावहता के कारण यह मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा।
मुस्कान रस्तोगी के साथ मिलकर की थी सौरभ की हत्या
सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला दोनों दोषी हैं। दोनों के रिश्ते और हत्या की साजिश को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। जांच के मुताबिक, हत्या के बाद सौरभ के शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके टुकड़े किए गए थे। शव को नीले ड्रम में छिपाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मेरठ जेल में कैदियों के लिए बनाया गया है जिम्नेजियम
मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल में कैदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिम्नेजियम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जेल के सर्किल नंबर-2 में 14 एक्सरसाइज मशीनें लगाई गई हैं। इस जिम्नेजियम को राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अपनी सांसद निधि से स्थापित कराया है। इसका उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखना और उन्हें मानसिक तनाव से दूर रखने में मदद करना है। जेल में उपलब्ध इस सुविधा का इस्तेमाल साहिल शुक्ला भी कर रहा है। वह नियमित रूप से यहां एक्सरसाइज करता है और अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहा है।
जेल प्रशासन ने बताई जिम्नेजियम की वजह
जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, जिम्नेजियम बनाने का उद्देश्य कैदियों के स्वास्थ्य में सुधार करना और उन्हें तनाव व अवसाद से दूर रखने के लिए बेहतर माहौल देना है। जेल प्रशासन के अनुसार, शारीरिक गतिविधियां कैदियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। इसी उद्देश्य से जेल में एक्सरसाइज मशीनों की व्यवस्था की गई है।



















