Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Sugar Price Hike: दिवाली और छठ से पहले महंगी हुई चीनी, एक महीने में 4 रुपए से ज्यादा बढ़े दाम; जानें नए रेट

दिवाली और छठ से पहले आम लोगों को महंगाई का झटका लगा है। चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले एक महीने में चीनी 4 रुपए से ज्यादा महंगी हुई है, जबकि एक साल में इसके दाम करीब 13 रुपए प्रति किलो बढ़ गए हैं।
Sugar Price Hike: दिवाली और छठ से पहले महंगी हुई चीनी, एक महीने में 4 रुपए से ज्यादा बढ़े दाम; जानें नए रेट
त्योहारों से पहले चीनी के दाम में बड़ा उछाल

दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। इस बार चीनी की बढ़ती कीमतों ने घरों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। मिठाई बनानी हो, मेहमानों के लिए पकवान तैयार करने हों या रोजाना चाय में चीनी डालनी हो, अब हर जगह पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। पिछले एक महीने में खुदरा और थोक बाजार में चीनी 4 रुपए प्रति किलो से ज्यादा महंगी हो गई है। वहीं, पिछले एक साल में इसकी कीमत करीब 12 से 13 रुपए प्रति किलो तक बढ़ चुकी है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, चीनी की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 59.50 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है। वहीं, थोक बाजार में इसकी औसत कीमत 55.40 रुपए प्रति किलो दर्ज की गई है। ऐसे में त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और दूसरी खाने-पीने की चीजों पर होने वाला खर्च भी बढ़ सकता है।

एक महीने में कितनी महंगी हुई चीनी?

चीनी की कीमतों में पिछले एक महीने के दौरान लगातार तेजी देखने को मिली है। खुदरा और थोक दोनों बाजारों में इसके दाम 4 रुपए प्रति किलो से ज्यादा बढ़े हैं। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। अगर एक महीने पहले के मुकाबले मौजूदा कीमतों को देखें तो महंगाई का असर साफ दिखाई देता है।

  • खुदरा बाजार: चीनी की औसत कीमत बढ़कर 59.50 रुपए प्रति किलो हो गई है।
  • थोक बाजार: चीनी का औसत भाव 55.40 रुपए प्रति किलो पहुंच गया है।

एंटीबायोटिक लेते समय ज्यादा चीनी खाना खतरनाक, आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को होता है डबल नुकसान, नई स्टडी में खुलासा

एक साल में 13 रुपए तक बढ़ गए चीनी के दाम

चीनी की महंगाई सिर्फ पिछले एक महीने तक सीमित नहीं है। अगर पिछले साल के मुकाबले इस साल की कीमतों को देखें तो बढ़ोतरी और भी ज्यादा नजर आती है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, एक साल पहले खुदरा बाजार में चीनी की औसत कीमत 46.50 रुपए प्रति किलो थी। अब यह बढ़कर 59.50 रुपए हो गई है। यानी एक साल में खुदरा कीमत में 13 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह थोक बाजार में भी चीनी महंगी हुई है। पिछले साल इसकी औसत कीमत 43.23 रुपए प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर 55.40 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।

कोलकाता में सबसे महंगी मिल रही चीनी

देश के बड़े शहरों में चीनी की कीमतें अलग-अलग हैं। 3 नवंबर के आंकड़ों के मुताबिक, कोलकाता में चीनी सबसे महंगी बिक रही है। यहां खुदरा बाजार में एक किलो चीनी की कीमत 65 रुपए पहुंच गई है। दिल्ली में भी चीनी के दाम काफी बढ़े हैं। यहां एक किलो चीनी के लिए लोगों को 64 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, मुंबई में चीनी की खुदरा कीमत 61 रुपए प्रति किलो दर्ज की गई है।

  • कोलकाता: 65 रुपए प्रति किलो
  • दिल्ली: 64 रुपए प्रति किलो
  • मुंबई: 61 रुपए प्रति किलो

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?

चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। सबसे बड़ी वजह पिछले सीजन में चीनी का उत्पादन अनुमान से कम रहना है। जब बाजार में उत्पादन और उपलब्धता पर दबाव पड़ता है तो कीमतें बढ़ने लगती हैं। इसके अलावा त्योहारों के दौरान चीनी की मांग भी बढ़ जाती है। दिवाली और छठ जैसे मौकों पर घरों में मिठाइयां, पकवान और दूसरे व्यंजन बनाए जाते हैं। मिठाई की दुकानों और छोटे कारोबारियों को भी ज्यादा चीनी की जरूरत होती है। इससे बाजार में मांग बढ़ती है।

15 सितंबर से चीनी डीलरों पर सख्ती! सिर्फ 2,000 क्विंटल स्टॉक की अनुमति, 30 दिन से ज्यादा नहीं रख सकेंगे माल

महंगाई रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?

बाजार में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने और उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। इनमें चीनी के स्टॉक पर सीमा तय करना, बाजार की निगरानी करना और जरूरत के मुताबिक आयात बढ़ाने जैसे उपाय शामिल हैं। इसके अलावा चीनी मिलों में पेराई का काम भी पहले शुरू कराया गया है, ताकि नए सीजन का उत्पादन समय पर बाजार में पहुंच सके। सरकार की कोशिश है कि बाजार में चीनी की कमी न हो और कीमतों में ज्यादा उछाल को रोका जा सके।

नए सीजन में 8.45 लाख टन चीनी का उत्पादन

चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच नए सीजन 2026-27 में उत्पादन शुरू हो चुका है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के मुताबिक, 30 अक्टूबर तक देश की 152 चीनी मिलों ने कुल 8.45 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। नए सीजन में गन्ने की पेराई 8 अक्टूबर से शुरू हुई थी। ऐसे में आने वाले समय में उत्पादन बढ़ने और बाजार में चीनी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, नए उत्पादन का कीमतों पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। इसके लिए चीनी मिलों का कुल उत्पादन, बाजार में सप्लाई और त्योहारों के दौरान मांग अहम भूमिका निभाएंगे।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

Latest Posts