नई दिल्ली। दिल्ली में 16 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित हुई AI इंम्पैक्ट समिट 2026 की चर्चा दुनियाभर में रही है। यहां अलग-अलग दिन आयोजित किए गए सेशंस में AI के वर्तमान और भविष्य विस्तार पर जरूरी बातचीत हुई। इस समिट में हिस्सा लेने के लिए दुनियाभर के कई दिग्गज भारत आए हैं। जिनमें ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा, श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके सहित गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई है।
इस खास प्रोग्राम में भारत को दुनियाभर के 88 देशों का समर्थन मिला है। दरअसल 88 देशों और अंतरर्राष्ट्रीय संगठनों घोषणापत्र में हस्ताक्षर किए हैं। इस मौके पर केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ह्यूमन निर्मित AI को खुले तौर पर स्वीकारा है। जिससे यह एआई के रणनीतिक कदम के भविष्य और जवाबदेह दिशा की तरप बेहतर कदम है।
वैष्णव आगे बताते हैं कि घोषणापत्र में 88 में से 86 देशों और 2 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय ( सभी का कल्याण, सभी की खुशी) सिद्धांत पर सहमति जताई है। बता दें इस काम का मुख्य टारगेट हैं कि दुनिया के हर कोने में AI का विस्तार ऐसा हो कि इसके आर्थिक फायदे की पहुंच हर समाज तक पहुंचे।
यह शिखर सम्मेलन ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाला दुनिया का पहला वैश्विक एआई समिट था, जिसने विकासशील देशों की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से सामने रखा।
इस आयोजन में दुनियाभर के सरकारी नीति-निर्माता, एआई इंडस्ट्री के विशेषज्ञ, शिक्षाविद, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स और नागरिक समाज के प्रतिनिधि एक साथ शामिल हुए।
समिट का मुख्य फोकस एआई की ताकत और संभावनाओं पर चर्चा करने के साथ-साथ ‘मानवता के लिए एआई’ के वैश्विक सिद्धांत को आगे बढ़ाना रहा, ताकि तकनीक का इस्तेमाल समाज के हित में हो।
यह शिखर सम्मेलन एआई के बेहतर प्रशासन, सुरक्षा मानकों और समाज पर इसके असर को लेकर वैश्विक सहयोग मजबूत करने की दिशा में चल रही अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया का अहम हिस्सा रहा।