ये है अखंड रामायण वाला गांव, जानिए जहां 22 सालों से नहीं थमा रामचरित मानस के पाठ का सिलसिला

सीहोर। जिले की जावर तहसील का गांव दरखेड़ा किसी समय अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए जाना जाता था। गांव दो तरफ से पहाड़ियों से घिरा है और उससे सटा हुआ एक तालाब इस खूबसूरती को चार चांद लगाता है, लेकिन अब इस गांव ने एक नई पहचान रची है। जानते हैं उस नई पहचान के बारे में...
2001 से जारी है अखंड रामायण का सिलसिला
जावर तहसील का ये गांव मेन रोड से तकरीबन ढाई किलोमीटर अंदर है। दरखेड़ा गांव में ही एक राम मंदिर बना है। यहां अक्टूबर 2001 में एक साधु के कहने पर रामायण का पाठ ग्रामीणों ने शुरू किया था। इस अखंड रामायण के पाठ को प्रारंभिक तौर पर केवल एक महीने के लिए शुरू किया गया था। इसके बाद जब इसके संपन्न होने की बारी आई तो ग्रामीणों का मन बदल गया। राम भक्ति से अभिभूत ग्रामीणों ने उस समय सोचा कि जब तक भक्ति और श्रद्धा है तब तक वे अपने बलबूते इस अखंड रामायण को जारी रखेंगे। देखते ही देखते अब 22 साल से ज्यादा का अरसा बीत गया है और आज भी निरंतर रामायण का पाठ इस गांव में चल रहा है। यही वजह है कि आस-पास के लोग इसे रामायण वाले गांव के नाम से पुकारने लगे हैं।












