BSF भर्ती में फर्जीवाड़ा : बालाघाट के 10 चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज निकले नकली, सर्टिफिकेट जांचने पर हुआ खुलासा

बालाघाट। जिले में बीएसएफ की भर्ती में फर्जी सर्टिफिकेट खुलासे के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने वैधानिक कार्रवाई के संकेत दिए हैं। जानकारी के अनुसार बीएसएफ में चयनित कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान बालाघाट जिले से जारी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह होने के बाद बीएसएफ अधिकारियों की टीम बालाघाट पहुंची और जांच शुरू की गई। अब तक 18 से 20 प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें से 10 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है।
सिंडिकेट के जरिए तैयार हुए फर्जी दस्तावेज
सूत्रों के अनुसार यह पूरा फजीर्वाड़ा किसी संगठित सिंडिकेट के जरिए संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए वोटर आईडी, आधार कार्ड, स्थायी निवासी, जाति और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र तक तैयार किए गए। बताया जा रहा है कि कई अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश और भिंड क्षेत्र से जुड़े हो सकते हैं।
एड्रेस प्रूफ को सही बताने पैसों का लालच भी
जांच की भनक लगते ही सिंडिकेट के लोगों ने अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए पतों से जुड़े लोगों से संपर्क कर एड्रेस प्रूफ को सही बताने के लिए पैसों का लालच भी दिया। हालांकि प्रशासन की सख्ती के चलते पूरा मामला उजागर हो गया। सूत्रों का मानना है कि बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में सुरक्षा बल भर्ती में मिलने वाली विशेष छूट और आरक्षण का फायदा उठाने के लिए यह फर्जी नेटवर्क सक्रिय हुआ। फिलहाल पूरे मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी
जांच में बालाघाट के 6 और किरनापुर के 4 अभ्यर्थियों के दस्तावेज कूटरचित, संदेहास्पद और फर्जी पाए गए हैं। शेष प्रकरणों की जांच अभी जारी है। प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गोपाल सोनी, एसडीएम, बालाघाट












